सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे
सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम बढ़ोतरी की घोषणा
- 15 Apr 2026
14 अप्रैल, 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार ने अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम वृद्धि की घोषणा की।
- यह अहम निर्णय नोएडा में श्रमिकों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया है और इसका प्राथमिक उद्देश्य उन्हें त्वरित अस्थायी राहत प्रदान करना है।
- नोएडा और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों के वेतन में 21% की शानदार बढ़ोतरी होगी।
- नगर पालिकाओं के श्रमिकों के वेतन में 15% की वृद्धि होगी, जबकि अन्य क्षेत्रों के श्रमिकों को 9% की वृद्धि का लाभ मिलेगा।
- इस वृद्धि के साथ, नोएडा और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन ₹11,313 से बढ़कर ₹13,690 प्रति माह हो गया है।
- सरकार ने स्पष्ट रूप से यह भी बताया कि ₹20,000 न्यूनतम मजदूरी के दावे पूरी तरह से भ्रामक और गलत हैं।
- मजदूरी के एक संरचित और व्यापक संशोधन की सिफारिश करने के लिए जल्द ही एक ‘वेतन बोर्ड’ (Wage Board) का गठन किया जाएगा।
- यह दूरदर्शी कदम उचित और समान मजदूरी सुनिश्चित करने के लिए ‘राष्ट्रीय श्रम संहिताओं’ (National Labour Codes) के व्यापक प्रयासों के पूर्णतः अनुरूप है।
- हालांकि, विपक्ष ने बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की ऊंची लागत का हवाला देते हुए इस बढ़ोतरी को नाकाफी बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है।


