पेंशन सखियाँ: पेंशन सहायता से सशक्त होगा ग्रामीण भारत

  • 17 Sep 2026

15 सितंबर 2026 को ग्रामीण विकास विभाग और पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने ग्रामीण भारत में ‘पेंशन सखियों’ का सामुदायिक-आधारित नेटवर्क स्थापित करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया ।

पेंशन सखियाँ क्या हैं?

  • सामुदायिक-आधारित नेटवर्क : यह ग्रामीण परिवारों, विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सदस्यों, ग्रामीण महिलाओं और लखपति दीदियों के बीच पेंशन जागरूकता तथा सेवानिवृत्ति की योजना को बढ़ावा देने वाला एक विश्वसनीय सुविधा प्रदान करने वाला सामुदायिक नेटवर्क है।
  • सामुदायिक नेटवर्क का लाभ : यह पहल दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के नेटवर्क का उपयोग करती है ।
  • घर-घर सहायता: यह ग्रामीण परिवारों और महिलाओं को सेवानिवृत्ति योजना (Retirement Planning) तथा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराएगी।

पेंशन सखियों की आवश्यकता क्यों पड़ी?

  • वित्तीय साक्षरता का अभाव: ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बहुत से लोग डिजिटल बैंकिंग, पेंशन योजनाओं और उनके लाभों से अनजान हैं। पेंशन सखियां उन्हें इन योजनाओं के बारे में सरल भाषा में समझाती हैं।
  • आय की सुभेद्यता : कृषि, अनौपचारिक रोजगार और छोटे उद्यमों पर निर्भर परिवारों को अक्सर अनिश्चित आय और आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता है।

सामाजिक-आर्थिक प्रभाव

  • यह दीर्घकालिक बचत और सेवानिवृत्ति की तैयारी को बढ़ावा देता है, जिससे आय के संकटों के प्रति सुभेद्यता कम होती है।
  • यह वित्तीय समावेशन में पेंशन को शामिल कर ग्रामीण आबादी को अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाता है।