सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे
भौतिकी में नोबेल पुरस्कार 2026: आइसक्यूब न्यूट्रिनो खगोल विज्ञान
- 08 Oct 2026
वर्ष 2026 का भौतिकी विज्ञान का नोबेल पुरस्कार वैज्ञानिक फ्रांसिस हैल्ज़ेन (Francis Halzen) को उनकी खोज 'आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी' (IceCube Neutrino Observatory) के निर्माण में उनके योगदान और अंतरिक्ष से आने वाले हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो के लिए दिए जाने की घोषणा की गई है।
दक्षिण ध्रुव पर आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी :
- स्थान: आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी अंटार्कटिका के दक्षिण ध्रुव पर स्थित है। इसका निर्माण मुख्य रूप से उच्च-ऊर्जा खगोलीय न्यूट्रिनो का पता लगाने के लिए किया गया है।
- नेटवर्क एवं संरचना: यह अंटार्कटिक बर्फ के लगभग 1 घन किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और इसमें 5,160 ऑप्टिकल सेंसर (डिजिटल ऑप्टिकल मॉड्यूल) लगे हैं।
- निर्माण एवं प्रस्ताव: इस वेधशाला का निर्माण 2010 में पूरा हो गया था। हैल्जेन ने 1988 में पहली बार अंटार्कटिक बर्फ को न्यूट्रिनो डिटेक्टर के रूप में उपयोग करने का प्रस्ताव रखा था।
- महत्वपूर्ण खोजें: 2013 में आइसक्यूब ने उच्च-ऊर्जा ब्रह्मांडीय न्यूट्रिनो के पहले साक्ष्य की रिपोर्ट जारी की, जिनमें दो न्यूट्रिनो को बर्ट और अर्नी नाम दिया गया।
- 2018 में एक उच्च-ऊर्जा न्यूट्रिनो को एक दूरस्थ ब्लेजर से जोड़ा गया। यह एक सक्रिय आकाशगंगा है जिसमें एक सुपरमैसिव ब्लैक होल है, जो पृथ्वी की ओर इंगित करता है।
आइसक्यूब कैसे काम करता है?
- न्यूट्रिनो की टक्कर: जब कोई न्यूट्रिनो कभी-कभी बर्फ में किसी परमाणु नाभिक से टकराता है, तो यह एक आवेशित कण उत्पन्न करता है।
- चेरेनकोव विकिरण : यदि यह कण बर्फ में प्रकाश की गति से तेज यात्रा करता है, तो यह चेरेनकोव विकिरण उत्सर्जित करता है, जिसे ऑप्टिकल सेंसर हल्की नीली चमक के रूप में देखते हैं।
महत्व:
इस तकनीक ने वैज्ञानिकों को न्यूट्रिनो के जरिए ब्लैक होल और ब्रह्मांड की अत्यधिक ऊर्जावान प्रक्रियाओं का अध्ययन करने का नया रास्ता दिखाया है।


