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भारत के कॉयर उद्योग में निर्यात और रोजगार में हुई वृद्धि
- 14 Oct 2026
14 अक्टूबर, 2026 को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने भारत के कॉयर उद्योग की उपलब्धियाँ जारी कीं। वित्त वर्ष 2025–26 में कॉयर उत्पादों का निर्यात ₹6,614.40 करोड़ रहा, जो 2014–15 की तुलना में 305.70% अधिक है।
मुख्य तथ्य
- कॉयर उद्योग: कॉयर नारियल के बाहरी रेशेदार छिलके से प्राप्त प्राकृतिक फाइबर है। भारत विश्व का सबसे बड़ा कॉयर उत्पादक एवं निर्यातक है और वैश्विक उत्पादन में लगभग दो-तिहाई योगदान देता है।
- निर्यात में वृद्धि: कॉयर निर्यात 2014–15 के ₹1,630.33 करोड़ से बढ़कर 2025–26 में ₹6,614.40 करोड़ पहुँचा। प्रमुख निर्यात बाजार अमेरिका, चीन, नीदरलैंड, स्पेन और ब्रिटेन हैं।
- रोजगार एवं महिला भागीदारी: उद्योग में 7 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है, जिनमें लगभग 80% महिलाएँ हैं। उद्यम पोर्टल पर 21,000 से अधिक इकाइयाँ पंजीकृत हैं।
- प्रशिक्षण एवं नवाचार: वर्ष 2014–15 से 68,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें 80% से अधिक महिलाएँ थीं। 150 से अधिक नवीन मशीनें, तकनीकें और उत्पाद विकसित हुए।
- कॉयर विकास योजना (CVY): MSME मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत कौशल विकास, नई तकनीक, उत्पाद नवाचार, घरेलू विपणन और निर्यात संवर्धन को सहायता दी जाती है।
- निर्यात प्रोत्साहन: 1,000 से अधिक निर्यातकों को विदेशी प्रदर्शनियों में भागीदारी का अवसर मिला। 850 से अधिक उद्यमियों को ₹20 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता दी गई।


