UNEA-7 में भारत का वनाग्नि प्रस्ताव स्वीकृत

  • 13 Dec 2025

12 दिसंबर, 2025 के संदर्भ में, नैरोबी (केन्या) में आयोजित संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा (UNEA-7) में भारत का प्रस्ताव ‘जंगल की आग के वैश्विक प्रबंधन को मजबूत करना’ (‘Strengthening the Global Management of Wildfires’)औपचारिक रूप से अपनाया गया, जिसे सदस्य देशों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ।

मुख्य तथ्य:

  • प्रस्ताव का सार: भारत ने जंगली आग (जंगल की आग ) प्रबंधन में केवल प्रतिक्रिया से हटकर अग्रसक्रिय रोकथाम पर ज़ोर दिया, जिसमें बेहतर नियोजन, प्रारंभिक चेतावनी तंत्र और सुदृढ़ जोखिम मूल्यांकन शामिल हैं।
  • खतरे का आकलन: भारत ने UNEP की रिपोर्ट ‘स्प्रेडिंग लाइक वाईल्डफायर’(‘Spreading Like Wildfire’) का हवाला दिया, जिसके अनुसार यदि मौजूदा रुझान जारी रहे तो चरम जंगल की आगकी घटनाएँ 2030 तक 14%, 2050 तक 30% और 2100 तक 50% बढ़ सकती हैं।

प्रस्ताव के प्रावधान:

  • प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियाँ, जोखिम मानचित्रण (risk mapping), सैटेलाइट एवं ज़मीनी निगरानी को मज़बूत करने का आह्वान।
  • समुदाय-आधारित अलर्ट तंत्र, स्थानीय समुदायों व फ्रंटलाइन कर्मियों की भागीदारी, और अग्नि–पश्चात पुनर्बहाली एवं पारिस्थितिकी तंत्र पुनर्स्थापन के लिए सहयोग।
  • FAO–UNEP द्वारा 2023 में स्थापित Global Fire Management Hub के अंतर्गत चल रहे वैश्विक प्रयासों को सुदृढ़ करना तथा समेकित अग्नि प्रबंधन (Integrated Fire Management) की दिशा में देशों की मदद।
  • विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त एवं अंतरराष्ट्रीय फंडिंग तंत्रों तक बेहतर पहुँच की मांग।