अग्नि-III मिसाइल का सफल परीक्षण
- 07 Feb 2026
6 फ़रवरी, 2026 को भारत ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण परिसर से अग्नि-III मध्यम-दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण परिचालन तत्परता के सत्यापन हेतु नियमित प्रशिक्षण अभ्यास के अंतर्गत किया गया।
मुख्य बिंदु
- नियमित सामरिक परीक्षण: यह प्रक्षेपण सामरिक बल कमान की देखरेख में किया गया, जिसका उद्देश्य मिसाइल प्रणाली की परिचालन तथा तकनीकी तैयारी का आकलन करना था।
- मिशन की सफलता: परीक्षण के दौरान सभी मिशन उद्देश्यों की पूर्ति हुई और प्रमुख प्रदर्शन मानकों का सफलतापूर्वक सत्यापन किया गया।
- मिसाइल की विशेषताएं: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित अग्नि-III दो चरणों वाली, ठोस ईंधन चालित बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 3,000 किलोमीटर से अधिक है।
- पेलोड क्षमता: यह मिसाइल पारंपरिक तथा परमाणु, दोनों प्रकार के वारहेड ले जाने में सक्षम है, जिससे इसकी सामरिक प्रतिरोधक क्षमता सुदृढ़ होती है।
- सामरिक महत्व: अग्नि-III भारत के विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध (Credible Minimum Deterrence) सिद्धांत और दीर्घ-दूरी प्रहार क्षमता का एक प्रमुख अंग है।
- परिचालन में समावेशन: यह मिसाइल वर्ष 2011 से सामरिक बल कमान के शस्त्रागार का हिस्सा है और तत्परता सुनिश्चित करने हेतु समय-समय पर इसका परीक्षण किया जाता है।
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