लक्षद्वीप में खोजी गई ‘स्क्वाट लॉब्स्टर’ की नई प्रजाति

  • 17 Feb 2026

फ़रवरी 2026 में ICAR–नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्सेज (NBFGR) के वैज्ञानिकों ने लक्षद्वीप के अगत्ती द्वीप के प्रवाल भित्ति पारितंत्र में लगभग 3 मिलीमीटर आकार की ‘स्क्वाट लॉब्स्टर’ (Squat Lobster) की एक नई प्रजाति की खोज की।

मुख्य बिंदु

  • वैज्ञानिक प्रलेखन: इस खोज का विस्तृत आकारिकी (Morphological) विश्लेषण एवं वर्गीकरण करने के बाद इसे अंतरराष्ट्रीय टैक्सोनॉमी जर्नल ‘जूटैक्सा’ (Zootaxa) में प्रकाशित किया गया।
  • टैक्सोनॉमिक पहचान: यह नई प्रजाति ‘गैलाथिया’ (Galathea) वंश से संबंधित है।
  • अत्यंत सूक्ष्म आकार: यह मात्र 3 मिलीमीटर लंबी है तथा इसका आकार चावल के एक दाने से भी छोटा है, जो इसे प्रवाल भित्तियों में रहने वाले विश्व के सबसे छोटे क्रस्टेशियंस (Crustaceans) में से एक बनाता है।
  • आवास एवं अनुकूलन: स्क्वाट लॉब्स्टर अनोम्यूरा (Anomura) समूह के केकड़ा-सदृश जीव हैं, जो प्रवाल संरचनाओं और चट्टानी दरारों के भीतर गहराई में पाये जाते हैं, इसलिए सामान्य समुद्री सर्वेक्षणों में इनका पता लगाना कठिन होता है।
  • पारिस्थितिक महत्त्व: आकार में अत्यंत छोटे होने के बावजूद ये जीव प्रवाल भित्तियों में जैविक पदार्थों के पुनर्चक्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और समुद्री खाद्य शृंखला में मछलियों तथा अन्य प्रजातियों के लिए आहार का आधार बनते हैं।
  • स्वस्थ प्रवाल भित्तियों के संकेतक: वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसे सूक्ष्म जीवों की उपस्थिति एक स्वस्थ और सक्रिय प्रवाल पारितंत्र का सशक्त संकेत है।
  • जैव विविधता अनुसंधान के लिए महत्त्व: यह खोज दर्शाती है कि भारत की समुद्री जैव विविधता, विशेषकर लक्षद्वीप जैसे दूरस्थ द्वीपीय पारितंत्रों में, अभी भी व्यापक रूप से अन्वेषण की प्रतीक्षा में है।