भारत-अमेरिका ने दुर्लभ खनिज सहयोग ढांचे पर हस्ताक्षर किए
- 27 May 2026
26 मई, 2026 को भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने रणनीतिक प्रौद्योगिकियों और उन्नत विनिर्माण के लिए महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा (Rare Earth) की आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग को मजबूत करने हेतु नई दिल्ली में एक रूपरेखा (framework) पर हस्ताक्षर किए।
मुख्य बिंदु
- ढांचागत समझौता: भारत और अमेरिका ने“महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा के खनन और प्रसंस्करण में आपूर्ति सुरक्षित करने” संबंधी ढांचे पर हस्ताक्षर किए।
- मुख्य उद्देश्य: इस ढांचे का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा के खनन, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण (recycling) और निवेश से संबंधित सहयोग को सुदृढ़ करना है।
- रणनीतिक महत्व: महत्वपूर्ण खनिज उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, बैटरी और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए अनिवार्य हैं।
- आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा: दोनों देशों का लक्ष्य रणनीतिक कमजोरियों को कम करने के लिए लचीली और विविध आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण करना है।
- संबंधित पहल: इससे पहले भारत फरवरी 2026 में अमेरिका के नेतृत्व वाली 'पैक्स सिलिका' (Pax Silica)पहल में शामिल हुआ था।
- एआई (AI) साझेदारी: यह सहयोग पहले घोषित की गई 'भारत-अमेरिका एआई अवसर साझेदारी' (India-US AI Opportunity Partnership) का भी पूरक है।
- फोर्ज (FORGE) पहल: भारत और अमेरिका संसाधन सुरक्षा पर 'फोरम ऑन रिसोर्स जियोस्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट' (FORGE) पहल के तहत भी सहयोग कर रहे हैं।
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