बोरोफीन आधारित बायो-लुब्रीकेंट विकसित
- 23 Jul 2026
जुलाई 2026 में वैज्ञानिकों ने ‘बोरोफीन’ (Borophene) आधारित जैव-स्नेहक (Bio-Lubricant) विकसित किया, जो मशीनों में घर्षण और घिसाव को उल्लेखनीय रूप से कम करता है, जिससे ऊर्जा दक्षता बढ़ती है तथा टिकाऊ औद्योगिक अनुप्रयोगों को बढ़ावा मिलता है।
मुख्य बिंदु
- अरंडी के तेल (castor oil) में भार के अनुसार केवल 0.1% बोरोफीन मिलाने से शुद्ध अरंडी के तेल की तुलना में घर्षण लगभग 42% कम हुआ।
- इससे टूट-फूट प्रतिरोध और भार वहन क्षमता में भी सुधार हुआ।
- बोरोफीन अरंडी के तेल में समान रूप से फैलकर संपर्क सतहों पर एक सुरक्षात्मक ट्राइबोफिल्म बनाता है।
- यह तकनीक नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों, समुद्री उपयोग, हरित स्नेहन तकनीकों तथा टिकाऊ विनिर्माण में उपयोगी हो सकती है।
- यह पारंपरिक स्नेहकों का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प प्रदान करती है।
- इससे ऊर्जा की हानि कम होती है, मशीनों की दक्षता और जीवनकाल बढ़ता है तथा रखरखाव लागत घटती है।
- बोरोफीन बोरॉन परमाणुओं की एकल परत से बना द्वि-आयामी पदार्थ है।
- यह उसी प्रकार है, जैसे ग्रेफीन कार्बन परमाणुओं की एकल परत से बना होता है।
- बोरोफीन 2D नैनोमैटेरियल परिवार के नवीनतम पदार्थों में से एक है और अपने विद्युत, यांत्रिक तथा रासायनिक गुणों के लिए जाना जाता है।
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