पेपर लीक विरोधी कानून को सख्त बनाने हेतु मसौदा विधेयक
- 25 Jul 2026
24 जुलाई, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन के लिए एक मसौदा विधेयक को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य संगठित पेपर लीक पर अंकुश लगाने के लिए कड़े दंड का प्रावधान करना है।
मुख्य बिंदु
- मसौदा विधेयक का उद्देश्य परीक्षा में अनियमितताओं में शामिल व्यक्तियों एवं संगठित गिरोहों के लिए अधिक कठोर दंड का प्रावधान कर वर्तमान कानून को और मजबूत बनाना है।
- विधेयक में पेपर लीक के दोषियों के लिए न्यूनतम 5 वर्ष तथा संगठित पेपर लीक गिरोहों के लिए अधिकतम 10 वर्ष के कारावास और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।
- संशोधन का उद्देश्य परीक्षा धोखाधड़ी में शामिल संगठित गिरोहों एवं संस्थानों पर प्रभावी रोक लगाना तथा वास्तविक अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना है।
- यह कानून UPSC, SSC, RRB, IBPS जैसी भर्ती परीक्षाओं तथा NEET, JEE और CUET जैसी प्रवेश परीक्षाओं पर लागू होगा।
- यह संशोधन बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के विरुद्ध कानूनी ढांचे को मजबूत करने के लिए लाया गया है।
- सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बढ़ाने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में भी सुधार प्रक्रिया शुरू की है।
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