सेमीकॉन 2.0 योजना
- 02 Sep 2026
31 अगस्त, 2026 को केंद्र सरकार ने भारत की सेमीकंडक्टर मूल्य शृंखला को मजबूत करने के लिए ₹1.27 लाख करोड़ के परिव्यय वाली सेमीकॉन 2.0 योजना (Semicon 2.0 Scheme) अधिसूचित की।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: भारत में शुरू से अंत तक एक समग्र सेमीकंडक्टर पारिस्थितिक तंत्र विकसित करना तथा वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य शृंखला में देश की भूमिका को मजबूत करना।
- मूल्य शृंखला: योजना के तहत चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, उपकरण, सामग्री, अनुसंधान एवं विकास तथा प्रतिभा विकास को सहायता दी जाएगी।
- छह स्तंभ: योजना सेमीकंडक्टर पारिस्थितिक तंत्र की 10 श्रेणियों को समाहित करने वाले 6 स्तंभों के माध्यम से संचालित होगी।
- नोडल एजेंसी: इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission) आवेदनों, परियोजना मूल्यांकन, सिफारिशों और कार्यान्वयन की निगरानी का दायित्व संभालेगा।
- परियोजना अवधि: समर्थित परियोजनाएँ सामान्यतः 6 वर्ष तक चलेंगी, जबकि आवेदन प्रारंभिक रूप से 3 वर्षों के लिए खुले रहेंगे।
- प्रतिभा विकास: भारत अब तक 85,000 सेमीकंडक्टर इंजीनियर तैयार कर चुका है और अतिरिक्त 1 लाख इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।
- नवाचार: टियर-II और टियर-III शहरों के विद्यार्थियों ने अब तक 250 से अधिक सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन किए हैं।
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