उन्नत महासागर अनुसंधान पोत ‘सागर मंथन’ का जलावतरण

  • 10 Sep 2026

9 सितंबर, 2026 को भारत ने कोलकाता के ऋषि बंकिम शिपयार्ड में उन्नत महासागर अनुसंधान पोत (ORV) ‘सागर मंथन’ (Sagar Manthan) का जलावतरण किया, जिसका उद्देश्य देश की स्वदेशी महासागर अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करना है।

मुख्य बिंदु

  • निर्माण: इस पोत का डिजाइन और निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र (NCPOR) के लिए किया है।
  • डीप ओशन मिशन: यह पोतडीप ओशन मिशन के वर्टिकल-4 ‘डीप ओशन सर्वे एंडएक्सप्लोरेशन’ के तहत विकसित किया जा रहा है।
  • लागत: इसकी अनुमानित निर्माण लागत लगभग ₹840 करोड़ है।
  • सेवा अवधि: ‘सागर मंथन’ को लगभग 30 वर्षों की परिचालन आयु के लिए डिजाइन किया गया है।
  • अनुसंधान क्षमता: यह बहु-विषयक महासागरीय और भूभौतिकीय अनुसंधान में सहायता करेगा।
  • उन्नत प्रणालियाँ: इसमें डायनेमिक पोजिशनिंग, मल्टीबीम बाथिमेट्री और मल्टीचैनल सीस्मिक सिस्टम शामिल हैं।
  • समुद्रतल अध्ययन: सब-बॉटम प्रोफाइलिंग तकनीक समुद्रतल के नीचे की भूवैज्ञानिक संरचनाओं के अध्ययन में सहायक होगी।
  • जलमग्न वाहन: पोत मेंरिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल्स (ROV) और ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल्स (AUV) की तैनाती की सुविधा उपलब्ध है।
  • समुद्री खनिज अन्वेषण: यह मध्य-महासागरीय पर्वतमालाओं में बहुधात्विक हाइड्रोथर्मल सल्फाइड खनिजीकरण का सर्वेक्षण करेगा।