थैलियम कॉपर सेलेनाइड में तरंग-सदृश ऊष्मा परिवहन
- 15 Sep 2026
सितंबर 2026 में बेंगलुरु स्थित जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (JNCASR) के शोधकर्ताओं ने थैलियम कॉपर सेलेनाइड (TlCu₅Se₃) में एक असामान्य तरंग-सदृश ऊष्मा परिवहन तंत्र की पहचान की, जो अपशिष्ट ऊष्मा के अधिक दक्ष तापवैद्युत रूपांतरण की संभावनाएँ खोलता है।
मुख्य बिंदु
- अध्ययनित पदार्थ: TlCu₅Se₃ एक जटिल कॉपर चाल्कोजेनाइड है, जिसकी चतुष्कोणीय क्रिस्टल संरचना है और क्रिस्टलोग्राफिक c-अक्ष के साथ खुले चैनल पाए जाते हैं।
- असामान्य ऊष्मा परिवहन: प्रबल एनहार्मोनिसिटी और सीमित कॉपर-आयन गतिशीलता के कारण ऊष्मा विभिन्न कंपन विधाओं के बीच तरंग-सदृश सहसंबद्धता के माध्यम से प्रवाहित होती है।
- अत्यल्प ऊष्मीय चालकता: यह तंत्र संरचनात्मक स्थिरता बनाए रखते हुए पारंपरिक फोनॉन परिवहन को कम करता है।
- तापवैद्युत प्रदर्शन: पदार्थ ने1.7 का तापवैद्युत मेरिट गुणांक (zT) प्राप्त किया, जो शुद्ध त्रिघटकीय चाल्कोजेनाइडों में सर्वाधिक दर्ज मानों में से एक है।
- अपशिष्ट ऊष्मा पुनर्प्राप्ति: ऐसे पदार्थ औद्योगिक अपशिष्ट ऊष्मा को विद्युत में बदलने की दक्षता बढ़ा सकते हैं।
- संभावित उपयोग: विद्युत संयंत्र, इस्पात एवं सीमेंट उद्योग, ऑटोमोबाइल, डेटा सेंटर, बैटरी ताप प्रबंधन और ताप अवरोधक कोटिंग इसके संभावित उपयोग क्षेत्र हैं।
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