सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे
जनजातीय विरासत संरक्षण के लिए MoTA-IGNCA समझौता
- 30 Sep 2026
28 सितंबर, 2026 को जनजातीय कार्य मंत्रालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) ने भारत की जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण, शोध और संवर्धन के लिए समझौता ज्ञापन किया।
मुख्य तथ्य- संस्थागत सहयोग: समझौता जनजातीय कार्य मंत्रालय के जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (TRIs) के नेटवर्क को IGNCA की शोध, अभिलेखीय और सांस्कृतिक विशेषज्ञता से जोड़ेगा।
- विरासत का संरक्षण: इसके तहत जनजातीय कला, संगीत, भाषाओं, मौखिक परंपराओं, लोककथाओं, शिल्प, रीति-रिवाजों और पारंपरिक ज्ञान का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण एवं संरक्षण किया जाएगा।
- संकटग्रस्त परंपराएं: सहयोग के अंतर्गत विलुप्तप्राय जनजातीय भाषाओं, मौखिक परंपराओं, देशज कला-रूपों और लोककथाओं की पहचान, संरक्षण और संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- डिजिटल संरक्षण: जनजातीय विरासत के लिए डिजिटल अभिलेखागार और संग्रहालय दीर्घाएं विकसित की जाएंगी तथा जनजातीय समुदायों के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
- व्यापक प्रसार: प्रदर्शनियों, संग्रहालयों, प्रकाशनों, डिजिटल मंचों और सांस्कृतिक उत्सवों के माध्यम से जनजातीय कलाकारों, शिल्पकारों और पारंपरिक ज्ञान-धारकों को व्यापक मंच मिलेगा।


