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भारत के पहले ‘PRAMAAN’ प्रमाण-पत्र
- 30 Sep 2026
29 सितंबर, 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में भारतीय वन एवं लकड़ी प्रमाणन योजना (IFWCS) के तहत देश के पहले PRAMAAN प्रमाण-पत्र प्रदान किए।
मुख्य तथ्य
- पहले प्राप्तकर्ता: आंध्र प्रदेश वन विकास निगम (APFDC) को 33,000 हेक्टेयर वृक्षारोपण क्षेत्र तथा ओडिशा के बांस किसान गोविंद महापात्र को यह प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ।
- PRAMAAN क्या है?: यह वन, लकड़ी और गैर-काष्ठ वन उत्पादों के सतत एवं सत्यापन योग्य प्रबंधन को प्रमाणित करने वाली IFWCS की राष्ट्रीय प्रमाणन व्यवस्था है।
- मुख्य उद्देश्य: प्रमाणन का उद्देश्य भारतीय वन एवं कृषि-वानिकी उत्पादों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना तथा जिम्मेदार वन प्रबंधन को प्रोत्साहित करना है।
- तीन प्रकार के प्रमाणन: IFWCS में वन प्रबंधन, वनों के बाहर वृक्ष प्रबंधन और चेन ऑफ कस्टडी प्रमाणन की व्यवस्था की गई है।
- स्वतंत्र ऑडिट: प्रमाणन केवल स्व-घोषणा पर आधारित नहीं है; इसके लिए NABCB से प्रत्यायित प्रमाणन निकायों द्वारा स्वतंत्र तृतीय-पक्ष ऑडिट किया जाता है।
- वैश्विक उपयोगिता: PRAMAAN में ट्रेसबिलिटी, ड्यू-डिलिजेंस और वन-विनाश मुक्त उत्पादों से संबंधित मानकों को शामिल कर वैश्विक बाजार आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया गया है।
- संचालन एजेंसी: भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM), भोपाल इस योजना की संचालन एजेंसी है तथा इसके क्रियान्वयन में संस्थागत भूमिका निभाता है।


