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ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के तीसरे चरण को मंजूरी
- 01 Oct 2026
30 सितंबर, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III (GEC-III) को मंजूरी दी, जिससे 135 GW तक नवीकरणीय ऊर्जा के पारेषण और ग्रिड एकीकरण में सहायता मिलेगी।
मुख्य तथ्य
- कुल परिव्यय: योजना का कुल परिव्यय ₹1,86,405 करोड़ है तथा इसे वित्त वर्ष 2032-33 तक स्थापित करने का लक्ष्य है।
- पारेषण क्षमता: योजना राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की अंतर्राज्यीय नहीं, बल्कि राज्य-अंतर्गत पारेषण प्रणाली (InSTS) को मजबूत कर 135 GW नवीकरणीय ऊर्जा निकासी सक्षम करेगी।
- बैटरी भंडारण: इसमें 50 GWh बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के लिए ₹50,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- पारेषण अवसंरचना: राज्य-अंतर्गत पारेषण प्रणाली के विकास पर ₹1,36,378 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
- केंद्रीय सहायता: योजना में ₹54,082 करोड़ की केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलेगी, जिससे पारेषण शुल्क और अंततः बिजली की लागत कम रखने में सहायता होगी।
- क्रियान्वयन: राज्य पारेषण उपयोगिताएं समग्र क्रियान्वयन एजेंसी होंगी; नई परियोजनाएं टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (TBCB) मॉडल से विकसित होंगी।
- राष्ट्रीय लक्ष्य: GEC-III भारत के 2035 तक 900 GW स्थापित गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में सहायता करेगा।


