सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे
सितंबर में UPI लेन-देन 23% बढ़कर 24.07 अरब
- 01 Oct 2026
सितंबर 2026 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए 24.07 अरब लेन-देन हुए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 23% अधिक हैं। इन लेन-देन का कुल मूल्य 18% बढ़कर ₹29.37 लाख करोड़ हो गया।
मुख्य तथ्य
- UPI लेन-देन: सितंबर में UPI से प्रतिदिन औसतन लगभग 80.2 करोड़ लेन-देन हुए, जिनका औसत दैनिक मूल्य लगभग ₹97,913 करोड़ रहा।
- अगस्त से तुलना: अगस्त 2026 में UPI के जरिए 24.51 अरब लेन-देन, जिनका मूल्य ₹29.82 लाख करोड़ था। इस प्रकार सितंबर में मासिक आधार पर लेन-देन की संख्या में लगभग 1.8% की कमी आई।
- नया MDR ढाँचा: ₹2,000 तक के व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) UPI भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शून्य रहेगा। ₹2,000 से अधिक के निर्धारित P2M लेन-देन पर 0.4% MDR लागू होगा।
- व्यक्तिगत भुगतान निःशुल्क: व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) UPI लेन-देन राशि की सीमा के बिना पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे। सरकार के अनुसार लगभग 96% व्यापारी UPI लेन-देन भी MDR से अप्रभावित रहेंगे।


