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ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III (GEC-III) योजना को मंजूरी
- 03 Oct 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) के साथ ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III (GEC-III) योजना को मंजूरी दे दी है।
उद्देश्य
- इस योजना के तहत इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (InSTS) को मजबूत किया जाएगा।
- इससे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 135 गीगावॉट तक नवीकरणीय ऊर्जा के ग्रिड इंटीग्रेशन और ट्रांसमिशन को बढ़ावा मिलेगा।
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस)
- GEC-III के अंतर्गत 50 GWh क्षमता के बैटरी स्टोरेज सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।
- ये ग्रिड में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाएंगे, नवीकरणीय ऊर्जा की अनियमित आपूर्ति से निपटेंगे, कंजेशन कम करेंगे और पीक आवर में मांग पूरी करेंगे।
- सौर ऊर्जा अनुपलब्ध होने पर भी बीईएसएस बिजली आपूर्ति को संतुलित रखेगा।
लागत और केंद्रीय सहायता
- योजना को वित्तीय वर्ष 2032-33 तक पूरा करने का लक्ष्य है। कुल परियोजना लागत 1,86,405 करोड़ रुपये है, जिसमें InSTS के लिए 1,36,378 करोड़ और 50 GWh बीईएसएस के लिए 50,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।
- सरकार ने 54,082 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) का प्रावधान किया है, जिससे ट्रांसमिशन चार्ज कम होंगे और बिजली की लागत नियंत्रण में रहेगी।
कार्यान्वयन मॉडल
- ग्रीनफील्ड परियोजनाएं टैरिफ-बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) के माध्यम से और ब्राउनफील्ड कार्य कॉस्ट-प्लस बेसिस पर होंगे।
- ट्रांसमिशन सर्विस प्रोवाइडर्स BOOM मॉडल पर काम करेंगे। स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटीज समग्र कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करेंगी।
दीर्घकालिक लाभ
- यह योजना 2035 तक 900 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य में योगदान देगी।
- इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, कार्बन उत्सर्जन घटेगा तथा ऊर्जा, विनिर्माण और निर्माण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।


