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राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण
- 06 Oct 2026
5 अक्टूबर, 2026 को NSO ने जुलाई 2025–जून 2026 के पहले राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण के प्रमुख निष्कर्ष जारी किए। भारत में घरेलू यात्रा-पैटर्न पर आयोजित पहला समर्पित अखिल भारतीय सर्वेक्षण है।
मुख्य बिंदु
- सर्वेक्षण कवरेज: 14,274 गांवों, 10,377 शहरी ब्लॉकों और 4,92,023 परिवारों से 20,34,371 व्यक्तियों की जानकारी जुटाई गई।
- सर्वेक्षण का उद्देश्य: इसके निष्कर्षों का उपयोग क्षेत्रीय परिवहन नियोजन, परिवहन अवसंरचना विकास, मार्गों के अनुकूलन और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में किया जा सकता है।
- प्रमुख निष्कर्ष:
- कार्यबल आवागमन: 42.6% श्रमिकों के लिए दोपहिया वाहन कार्यस्थल तक पहुंचने का प्रमुख परिवहन साधन रहा।
- लैंगिक अंतर: 1 किलोमीटर से अधिक की दैनिक कार्य-यात्रा करने वाले पुरुष श्रमिकों का अनुपात 61.9%, जबकि महिला श्रमिकों का अनुपात 41.9% रहा।
- छात्र आवागमन: छात्रों के प्रमुख साधन पैदल चलना 37%, बस 29.5% और साइकिल 15.8% रहे जबकि छात्रों का औसत मासिक आवागमन खर्च ₹443 रहा।
- यात्रा अवधि: 87.6% छात्र 30 मिनट के भीतर संस्थान पहुंचते हैं, जबकि 83.4% कर्मचारी 30 मिनट में कार्यस्थल पहुंचते हैं।
- रात्रिकालीन यात्रा: रातभर की घरेलू यात्राओं में बसों की हिस्सेदारी 55.8% और अंतर-शहरी रेलगाड़ियों की 17.7% रही।
- आवागमन का व्यय: निश्चित कार्यस्थल तक आने-जाने का औसत मासिक खर्च ₹785 प्रति श्रमिक है। शहरी श्रमिकों का खर्च ₹1,044 और ग्रामीण श्रमिकों का ₹612 है।
- कार्यबल आवागमन: 42.6% श्रमिकों के लिए दोपहिया वाहन कार्यस्थल तक पहुंचने का प्रमुख परिवहन साधन रहा।


