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बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी करेगी सारस पक्षियों की गणना
- 10 Oct 2026
10 और 11 अक्टूबर को बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (BNHS) देशभर में सारस पक्षियों की गणना करेगी, जिसका उद्देश्य इनकी आबादी का आकलन करना, प्राकृतिक आवासों की पहचान करना और संरक्षण प्रयासों को मजबूत करना है।
मुख्य तथ्य
- सर्वेक्षण का उद्देश्य: बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के अनुसार, सर्वेक्षण से सारस के प्रजनन स्थलों और आर्द्रभूमियों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
- प्रमुख खतरे: बिजली की तारें, कीटनाशक और प्राकृतिक आवासों का नष्ट होना इस पक्षी के लिए प्रमुख खतरे हैं।
- आबादी में गिरावट: स्टेट ऑफ इंडियाज बर्ड्स रिपोर्ट के अनुसार, सारस की आबादी में लंबे समय में 76.84 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
- संरक्षण स्थिति: सारस क्रेन भारत का एकमात्र स्थायी प्रजनन करने वाला क्रेन है और इसे IUCN रेड लिस्ट में ‘वल्नरेबल’ श्रेणी में रखा गया है; यह वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में संरक्षित है।
- आवास: सारस मुख्यतः उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा में पाए जाते हैं। उत्तर प्रदेश में 2024 की गणना में लगभग 20,000 सारस दर्ज किए गए थे।


