सेबी ने जारी किए नए निपटान नियम, 10 लाख तक फास्ट-ट्रैक

  • 10 Oct 2026

हाल ही में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ‘निपटान विनियम, 2026’ अधिसूचित किए; जिसमें निपटान राशि की गणना का नया फॉर्मूला दिया गया है और 10 लाख रुपये तक के पात्र मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक व्यवस्था शुरू की गई है।

मुख्य बिंदु

  • निपटान की शर्तें: नए नियमों के तहत निपटान की शर्तों में निपटान राशि, जहाँ लागू हो वहाँ अनुचित लाभ की वसूली, तथा उपचारात्मक एवं नियामकीय उपाय शामिल होंगे, जिन्हें पहले गैर-मौद्रिक शर्तें कहा जाता था।
  • नया फॉर्मूला: निपटान राशि अब आधार राशि से जुड़ी होगी, जो उल्लंघन के लिए निर्धारित न्यूनतम जुर्माने के संदर्भ में तय होगी; कार्यवाही का चरण, उल्लंघन की गंभीरता और कानूनी लागत भी विचार में ली जाएँगी।
  • 10 लाख रुपये तक की सीमा: जिन मामलों में निपटान राशि 10 लाख रुपये या उससे कम है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीधे आंतरिक समिति से SEBI के पूर्णकालिक सदस्यों के पैनल को भेजे जाएँगे।
  • दोहरी गणना से बचाव: अनुचित लाभ को आधार राशि से बाहर रखा जाएगा और वसूली के माध्यम से अलग से निपटाया जाएगा।
  • फास्ट-ट्रैक की दो श्रेणियाँ: उल्लंघन-आधारित और मौद्रिक सीमा-आधारित फास्ट-ट्रैक निपटान व्यवस्था शुरू की गई है।
  • 10 लाख तक की सीमा: 10 लाख रुपये या उससे कम के मामले सीधे आंतरिक समिति से SEBI के पूर्णकालिक सदस्यों के पैनल को भेजे जाएँगे। (आपके text से)
  • पात्रता: फास्ट-ट्रैक के लिए पात्रता मौद्रिक सीमा और उल्लंघन की प्रकृति दोनों पर निर्भर करेगी। (आपके text से)