सहकारी संघवाद और विधि सुधार पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

  • 22 Oct 2026

22 अक्टूबर 2026 को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारतीय विधि आयोग द्वारा आयोजित ‘सहकारी संघवाद और विधि सुधार’ विषयक सम्मेलन का उद्घाटन किया।

मुख्य तथ्य

  • सम्मेलन का विषय: ‘सहकारी संघवाद और विधि सुधार: राष्ट्रीय एवं राज्य परिप्रेक्ष्य’ के अंतर्गत केंद्र और राज्यों के बीच विधायी समन्वय तथा कानूनों के आधुनिकीकरण पर चर्चा हुई।
  • पुराने कानूनों की समीक्षा: उपराष्ट्रपति ने राज्य विधि आयोगों से अप्रचलित कानूनों की पहचान कर उनमें संशोधन अथवा निरसन की सिफारिश करने का आह्वान किया।
  • विधिक सुधार: उन्होंने पिछले 12 वर्षों में 1,700 से अधिक अप्रचलित कानूनों के निरसन और तीन औपनिवेशिक आपराधिक कानूनों के प्रतिस्थापन का उल्लेख किया।
  • संघीय समन्वय: विधि सुधारों में केंद्र–राज्य सहयोग बढ़ाने के साथ राज्यों की संवैधानिक स्वायत्तता और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कानून बनाने की स्वतंत्रता बनाए रखने पर बल दिया गया।
  • विकसित भारत 2047: उपराष्ट्रपति ने पारदर्शी संस्थाओं, प्रभावी प्रशासन और न्यायसंगत कानूनों को विकसित भारत के लक्ष्य की आवश्यक शर्त बताया।
  • 23वाँ विधि आयोग: इसका कार्यकाल 1 सितंबर 2024 से 31 अगस्त 2027 तक निर्धारित है। इसके अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी हैं।