भारतीय सेना के लिए ₹770 करोड़ का उन्नत रडार खरीद समझौता

  • 22 Oct 2026

21 अक्टूबर 2026 को रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की वायु रक्षा क्षमता बढ़ाने हेतु भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ लगभग ₹770 करोड़ के LLLR-I रडार खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए।

  • यह रडार लड़ाकू विमानों के आकार वाले लक्ष्यों तथा मिनी और माइक्रो ड्रोन की पहचान, निगरानी और खतरे के अनुसार प्राथमिकता तय कर सकता है।
  • उन्नत तकनीक: LLLR-I एक पल्स-डॉप्लर, सॉफ्टवेयर-डिफाइंड रडार है, जिसमें AESA एंटीना, गैलियम नाइट्राइड (GaN) एम्प्लीफायर और डिजिटल बीमफॉर्मिंग तकनीक प्रयुक्त हैं।
  • 360 डिग्री निगरानी: चार स्थिर फेज्ड-ऐरे एंटीना पैनल सभी दिशाओं में निगरानी करते हैं। यांत्रिक रूप से घूमने वाले हिस्से नहीं होने से प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ती है।
  • स्वदेशी विकास: LLLR-I को DRDO की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं रडार विकास स्थापना (LRDE) द्वारा डिजाइन किए गए अश्लेषा रडार का उन्नत संस्करण बताया गया है।
  • परिचालन क्षमता: हल्के और मानव द्वारा ले जाए जा सकने वाले इस रडार को मैदानी, रेगिस्तानी और उच्च-ऊँचाई वाले क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है।
  • LLLR-I का अर्थ: इम्प्रूव्ड लो लेवल लाइट वेट रडार। इसका उपयोग कम ऊँचाई पर उड़ने वाले हवाई लक्ष्यों की पहचान और निगरानी के लिए किया जाता है।