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औद्योगिक अपशिष्ट के लिए नेटज़ीरोसी–हाइड्रोथेन सहयोग
- 24 Oct 2026
21 अक्टूबर, 2026 को नेटज़ीरोसी और हाइड्रोथेन ने भारत में औद्योगिक अपशिष्ट जल उपचार तथा बायोगैस समाधान विकसित करने के लिए सहयोग मजबूत करने की जानकारी दी।
मुख्य तथ्य
- सहयोग का उद्देश्य: औद्योगिक अपशिष्ट जल में मौजूद कार्बनिक पदार्थों का उपचार करते हुए ऊर्जा पुनर्प्राप्ति को बढ़ावा देना, जिससे प्रदूषण नियंत्रण और संसाधन दक्षता में सुधार हो।
- कंपनियों की भूमिका: हाइड्रोथेन औद्योगिक अपशिष्ट जल के जैविक उपचार की तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करती है, जबकि नेटज़ीरोसी भारतीय बाजार में समाधान विकसित करने से जुड़ी है।
- तकनीकी अनुभव: नीदरलैंड स्थित हाइड्रोथेन के पास अवायवीय अपशिष्ट जल उपचार का 35 वर्षों से अधिक अनुभव और विभिन्न उद्योगों में वैश्विक परियोजनाओं का रिकॉर्ड है।
- अवायवीय उपचार: इस प्रक्रिया में सूक्ष्मजीव ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में कार्बनिक प्रदूषकों का विघटन करते हैं, जिससे अपशिष्ट जल का प्रदूषण भार घटता है और बायोगैस बन सकती है।
- बायोगैस पुनर्प्राप्ति: उपचार से प्राप्त बायोगैस का शुद्धिकरण कर उसे औद्योगिक ताप, बिजली उत्पादन या उपयुक्त उन्नयन के बाद बायो-CNG के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
- औद्योगिक उपयोग: खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, चीनी, रसायन तथा कागज उद्योगों के कार्बनिक पदार्थयुक्त अपशिष्ट जल में ऐसी तकनीक उपयोगी हो सकती है।


