विकसित भारत के लिए उच्चस्तरीय बैंकिंग समिति गठित

  • 31 Oct 2026

30 अक्टूबर, 2026 को केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत 2047’ के अनुरूप बैंकिंग सुधारों की सिफारिश के लिए पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त सुरेश एन. पटेल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की।

मुख्य तथ्य

  • प्रमुख उद्देश्य: समिति बैंकिंग क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप, वित्तीय रूप से समावेशी और संकट-सहनीय बनाने हेतु संरचनात्मक, संस्थागत, नियामक एवं विधायी सुधार सुझाएगी।
  • अध्यक्ष: पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (CVC) सुरेश एन. पटेल को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
  • अन्य सदस्य: RBI के डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मु, इंडियन बैंक की पूर्व MD एवं CEO पद्मजा चुंदुरु तथा RBI के पूर्व डिप्टी गवर्नर एन. एस. विश्वनाथन सदस्य हैं।
  • सदस्य सचिव: वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग में संयुक्त सचिव (बैंकिंग) समिति के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
  • कार्यकाल: समिति का कार्यकाल छह महीने निर्धारित किया गया है। इसके गठन की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने केंद्रीय बजट 2026-27 में की थी।
  • बैंकिंग नियमन: समिति क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) और सहकारी बैंकों सहित बैंकिंग संस्थानों के नियामक एवं कानूनी ढाँचे की समीक्षा करेगी।
  • पूँजीगत आवश्यकताएँ: समिति बैंकों, विकास वित्त संस्थानों (DFIs) और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) की दीर्घकालिक पूँजी आवश्यकताओं तथा वित्तपोषण स्रोतों का आकलन करेगी।
  • निवेश प्रोत्साहन: व्यवसायों की पूँजी लागत में अंतर का परीक्षण कर निजी निवेश और सतत आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के नीतिगत उपाय सुझाएगी।
  • डिजिटल बैंकिंग: समिति बैंकिंग संस्थानों में AI एवं डिजिटल नवाचार अपनाने की कार्ययोजना तथा साइबर जोखिमों से सुरक्षा के उपाय तैयार करेगी।