बंगाल की खाड़ी में भीषण चक्रवात ‘मुरसु’

  • 02 Nov 2026

2 नवंबर, 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘मुरसु’ को भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में वर्गीकृत किया।

मुख्य तथ्य

  • चक्रवात की स्थिति: 2 नवंबर को सुबह 5:30 बजे मुरसु नेल्लोर से 210 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और चेन्नई से 200 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व में केंद्रित था।
  • चक्रवात का नामकरण: चक्रवात ‘मुरसु’ (Murasu) का नाम भारत ने प्रस्तावित किया था। तमिल भाषा में ‘मुरसु’ का अर्थ पारंपरिक नगाड़ा है। इसे WMO/ESCAP की वर्ष 2020 में स्वीकृत नामकरण सूची में शामिल किया गया था।
  • आगे बढ़ने की दिशा: IMD के अनुसार, चक्रवात पिछले छह घंटों में 25 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा।
  • तट से टकराने का अनुमान: चक्रवात के 2 नवंबर की रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश तट पार करने का पूर्वानुमान है।
  • संभावित स्थल: IMD ने चक्रवात के नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के निकट, दक्षिणी आंध्र प्रदेश तट पार करने की संभावना जताई।
  • हवा की गति: तट पार करते समय अधिकतम सतत पवन गति 100–110 किमी प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 120 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।
  • मौसम चेतावनी: तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु के लिए चक्रवात संबंधी रेड मैसेज जारी किया गया। समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।