भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़कर 68.4% हुआ

  • 02 Nov 2026

अक्टूबर 2026 में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज वर्ष 2015 के 19% से बढ़कर 2026 में 68.4% हो गया।

मुख्य तथ्य

  • सामाजिक सुरक्षा का विस्तार: वर्ष 2026 में देश की 68.4% आबादी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आने का दावा किया गया है, जबकि 2015 में यह अनुपात 19% था।
  • EPFO सदस्यता: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अंशदान करने वाले सदस्यों की संख्या 2014–15 के 3.49 करोड़ से बढ़कर सितंबर 2026 में लगभग 7.98 करोड़ हुई।
  • पंजीकृत प्रतिष्ठान: सितंबर 2026 तक लगभग 7.68 लाख प्रतिष्ठान EPFO में अंशदान कर रहे थे।
  • पेंशनभोगियों की संख्या: EPFO के अंतर्गत पेंशन प्राप्त करने वालों की संख्या 2014–15 के 51.04 लाख से बढ़कर सितंबर 2026 में लगभग 82 लाख हुई।
  • दावों का निपटान: अक्टूबर 2026 तक पिछले एक वर्ष में EPFO ने लगभग 6.42 करोड़ दावों का निपटान किया, जबकि वित्त वर्ष 2014–15 में 1.30 करोड़ दावे निपटाए गए थे।
  • वेतन सीमा में संशोधन: सितंबर 2026 में अनिवार्य EPFO कवरेज की मासिक वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने की मंजूरी दिए जाने का उल्लेख है।
  • संभावित लाभार्थी: वेतन सीमा में प्रस्तावित वृद्धि से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों के अनिवार्य EPFO कवरेज में आने की अपेक्षा है।
  • निकासी नियमों का सरलीकरण: EPFO ने आंशिक भविष्य निधि निकासी के 13 प्रावधानों को तीन श्रेणियों—आवश्यक जरूरतें, आवास और विशेष परिस्थितियाँ—में समेकित किया।
  • स्वचालित दावा निपटान: पात्र अग्रिम दावों के स्वतः निपटान की अधिकतम सीमा ₹5 लाख निर्धारित की गई है, जिससे दावा प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप घटेगा।
  • डिजिटल सेवाएँ: आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से UMANG ऐप पर यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) बनाने और सक्रिय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
  • केंद्रीकृत पेंशन भुगतान: केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली (CPPS) के माध्यम से पेंशनभोगियों को देशभर में बैंक शाखा बदलने पर PPO स्थानांतरण की आवश्यकता नहीं रहती।
  • असंगठित क्षेत्र की सुरक्षा: EPFO के अतिरिक्त ई-श्रम पोर्टल, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन और सामाजिक सहायता योजनाओं के माध्यम से असंगठित श्रमिकों तथा कमजोर वर्गों को सहायता दी जाती है।