भारतीय वायुयान नियम, 2026 अधिसूचित

  • 02 Nov 2026

31 अक्टूबर, 2026 को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भारतीय वायुयान नियम, 2026 अधिसूचित किए। ये 1 जनवरी, 2027 से प्रभावी होकर वायुयान नियम, 1937 का स्थान लेंगे।

मुख्य तथ्य

  • कानूनी आधार: नए नियम भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के अंतर्गत बनाए गए हैं, जो भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र का प्रमुख विधायी ढाँचा है।
  • नियामक दायरा: नियमों में विमान पंजीकरण, डिजाइन, विनिर्माण, प्रमाणन, रखरखाव, उड़ान संचालन, विमानन कर्मियों के लाइसेंस और हवाई अड्डों का नियमन शामिल है।
  • उड़ान योग्यता: विमान की उड़ान योग्यता (Airworthiness) सुनिश्चित करने के लिए प्रमाणन, नियमित निरीक्षण, रखरखाव तथा डिजाइन और मरम्मत संबंधी स्वीकृतियों का प्रावधान है।
  • कर्मियों के लाइसेंस: पायलटों, विमान रखरखाव इंजीनियरों और हवाई यातायात नियंत्रकों के लिए प्रशिक्षण, परीक्षा, अनुभव तथा चिकित्सकीय योग्यता संबंधी मानक निर्धारित हैं।
  • उड़ान सुरक्षा: विमान परिचालन में उड़ान योजना, सुरक्षा प्रक्रियाओं और चालक दल के ड्यूटी समय से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
  • किराया पारदर्शिता: एयरलाइनों को टिकट की कुल कीमत के साथ मूल किराया, कर, अन्य शुल्क, रद्दीकरण शुल्क और रिफंड संबंधी शर्तें स्पष्ट करनी होंगी।
  • किराए की निगरानी: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) हवाई किरायों की निगरानी करेगा। असाधारण परिस्थितियों में केंद्र सरकार सार्वजनिक हित में किरायों पर निर्देश दे सकेगी।
  • हवाई अड्डा नियमन: नए नियमों में हवाई अड्डों के लाइसेंस, परिचालन और सुरक्षा मानकों से संबंधित व्यवस्थाएँ भी शामिल हैं।