पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

डिपकोवैन


मई 2021 में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की प्रयोगशाला ‘डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोलॉजी एण्ड एलाइड साइंसेज’ (Defence Institute of Physiology and Allied Sciences- DIPAS) ने सीरो-निगरानी के लिए एंटीबॉडी पहचान आधारित किट ‘डिपकोवैन’ (DIPCOVAN), डिपास-वीडीएक्स कोविड-19 IgG एंटीबॉडी माइक्रोवेल एलिसा (DIPAS-VDx COVID-19 IgG Antibody Microwell ELISA) विकसित की है।

महत्वपूर्ण तथ्य: डिपकोवैन का उद्देश्य मानव सीरम या प्लाज्मा में गुणात्मक दृष्टि से IgG एंटीबॉडी का पता लगाना है, जो सार्स सीओवी-2 से संबंधित एंटीजेन लक्षित करता है।

  • डिपकोवैन किट 97% उच्च संवेदनशीलता और 99% विशिष्टता के साथ सार्स सीओवी-2 वायरस के ‘स्पाइक के साथ-साथ न्यूक्लियोकैप्सिड प्रोटीन’ (spike as well as nucleocapsid proteins) दोनों का पता लगा सकती है।
  • यह किट नई दिल्ली स्थित कंपनी ‘वैनगार्ड डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड’ (Vanguard Diagnostics Pvt Ltd) के सहयोग से विकसित की गई है।
  • इससे परिणाम मिलने में केवल 75 मिनट का समय लगता है। किट के उपयोग हेतु जीवन काल (shelf life) 18 महीने का है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

कोलंबो बंदरगाह शहर आर्थिक आयोग विधेयक


श्रीलंकाई संसद द्वारा 20 मई, 2021 को चीन समर्थित विवादास्पद विधेयक 'कोलंबो बंदरगाह शहर आर्थिक आयोग विधेयक’ (Colombo Port City Economic Commission Bill) पारित किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: 225 सदस्यों वाली संसद ने विधेयक पर 148-59 मतों से मुहर लगाई।

  • विधेयक का उद्देश्य एक आयोग स्थापित करने के लिए एक विशेष आर्थिक क्षेत्र प्रदान करना है, जो ऐसे आर्थिक क्षेत्रों में व्यवसाय संचालित करने के लिए पंजीकरण, लाइसेंस और अन्य अनुमोदन प्रदान करे।
  • श्रीलंकाई सरकार के अनुसार बंदरगाह शहर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करेगा, जिससे अर्थव्यवस्था को बहुत जरूरी प्रोत्साहन मिलेगा।
  • वहीं विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि विधेयक से श्रीलंका में चीन का एक उपनिवेश बन जाएगा।
  • इस परियोजना के भारत के समीपवर्ती हिस्से में चीन की महत्वाकांक्षी 'समुद्री रेशम मार्ग' (Maritime Silk Road) परियोजना में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
  • 1.4 अरब डॉलर की कोलंबो बंदरगाह शहर परियोजना को 2014 में राजपक्षे सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान लॉन्च किया गया था, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने श्रीलंका का दौरा किया था।

सामयिक खबरें पर्यावरण

हार्लेक्विन इक्थ्योसिस


अप्रैल 2021 में ओडिशा राज्य ने ‘हार्लेक्विन इक्थ्योसिस' (harlequin ichthyosis) रोग के साथ पैदा हुए बच्चे का पहला मामला दर्ज किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: ‘हार्लेक्विन इक्थ्योसिस’ एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार है। यह रोग 30 लाख जन्मे बच्चों में से एक को प्रभावित करता है।

  • यह माता-पिता से विरासत में मिले उत्परिवर्तित जीन के कारण होता है। इस रोग में बच्चों के शरीर पर सामान्य त्वचा की जगह सूखी, पपड़ीदार 'मछली' की तरह त्वचा होती है। इसलिए शब्द 'इक्थ्योसिस', मछली के लिए ग्रीक शब्द 'इक्थस' से लिया गया है।
  • ‘एबीसीए 12 जीन’ (ABCA 12 gene) में उत्परिवर्तन हार्लेक्विन इक्थ्योसिस का कारण बनता है। ABCA12 प्रोटीन कोशिकाओं में वसा के परिवहन में एक प्रमुख भूमिका निभाता है, जो त्वचा की सबसे बाहरी परत बनाती है।
  • यह रोग दुर्लभ है और दुनिया भर में केवल कुछ ही मामले दर्ज किए गए हैं। दुनिया भर में लगभग 200 से 250 ऐसे मामले सामने आए हैं।
  • भारत में हार्लेक्विन इक्थ्योसिस के साथ पैदा हुए बच्चे का पहला मामला 2016 में महाराष्ट्र के नागपुर के एक निजी अस्पताल में दर्ज किया गया था।

सामयिक खबरें पर्यावरण

गांठदार त्वचा रोग


बिहार सरकार ने 6 मई, 2021 को 'गांठदार त्वचा रोग' (Lumpy Skin Disease- LSD) के संभावित प्रसार के बारे में एक चेतावनी जारी करते हुए एडवाइजरी जारी की है।

महत्वपूर्ण तथ्य: LSD एक वायरल बीमारी है, जो मवेशियों और भैंसों में लंबे समय तक रुग्णता का कारण बनती है।

  • LSD 'गांठदार त्वचा रोग वायरस' (LSDV) के कारण होता है, जो पॉक्सविरिडे (Poxviridae) कुल के 'कैप्रिपॉक्स' (Capripox) वंश का एक वायरस है।
  • यह मच्छरों, काटने वाली मक्खियों और कुटकी जैसे आर्थ्रोपोड वेक्टर द्वारा फैलता है।
  • इस रोग में 2-3 दिन के लिए हल्का बुखार होता है, इसके बाद पूरे शरीर में त्वचा पर कठोर, गोल त्वचीय गांठ (व्यास में 2-5 सेमी) बन जाते हैं। पशुओं में दूध की कमी हो जाती है, भूख नहीं लगती, आंख व नाक से पानी बहने लगता है और सांस लेने में कठिनाई होती है।
  • फिलहाल इसका कोई इलाज नहीं है। इसलिए, टीकाकरण द्वारा रोकथाम ही प्रसार को नियंत्रित करने का एकमात्र प्रभावी साधन है।
  • ऐतिहासिक रूप से, LSD अफ्रीका और पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों तक ही सीमित रहा है, जहां यह पहली बार 1929 में पाया गया था। भारत में, इस बीमारी का पहला मामला मई 2019 में ओडिशा से सामने आया था।
  • भारत में मवेशियों की संख्या 303 मिलियन है, जोकि विश्व में सर्वाधिक है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित स्थल

डार्विन का मेहराब


17 मई, 2021 को 'गैलापागोस द्वीप समूह' (Galápagos Islands) पर स्थित एक प्रसिद्ध प्राकृतिक पत्थरों की संरचना 'डार्विन का मेहराब' (Darwin's Arch) कटाव से ढह गया है।

  • यह मेहराब गोताखोरों, फोटोग्राफरों और क्रूज-जहाज पर्यटकों के बीच लोकप्रिय था।
  • यह मेहराब, इक्वाडोर से 965 किमी. पश्चिम में प्रशांत महासागर में एक ज्वालामुखी द्वीप समूह 'गैलापागोस द्वीप समूह' के सबसे उत्तरी सिरे पर स्थित था।
  • इस पत्थरों की संरचना का नाम ब्रिटिश प्रकृतिवादी ‘चार्ल्स डार्विन’ के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने 1835 में द्वीपों का दौरा किया था और ‘विकासवाद के अपने सिद्धांत’ (Theory of evolution) को विकसित किया था।
  • गैलापागोस द्वीप समूह, जिसे 1978 में पहले यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से एक के रूप में घोषित किया गया था, इक्वाडोर का हिस्सा है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप निधन

प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा का निधन


प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और गांधीवादी सुंदरलाल बहुगुणा का 21 मई, 2021 को एम्स, ऋषिकेश में निधन हो गया। वे 94 वर्ष के थे।

  • 9 जनवरी, 1927 को उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) के टिहरी के मरोड़ा गाँव में जन्मे बहुगुणा ने स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया था और बाद में विनोबा भावे के ‘सर्वोदय आंदोलन’ का हिस्सा बने थे।
  • उन्होंने स्थानीय महिलाओं के साथ मिलकर 1970 के दशक में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई को रोकने के लिए 'चिपको आंदोलन' शुरू किया था।
  • पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी, बहुगुणा ने 1980 के दशक में हिमालय में बड़े बांधों के निर्माण के खिलाफ अभियान चलाया। वह लगातार टिहरी बांध के निर्माण का घोर विरोध कर रहे थे।
  • बहुगुणा ने अस्पृश्यता का भी विरोध किया और वर्ष 1965 से 1970 के दशक की शुरुआत तक चले शराब विरोधी आंदोलन में भाग लेने के लिए पहाड़ों में महिलाओं को लामबंद किया था।
  • टिहरी बांध परियोजना को रद्द करने से सरकार के इनकार पर उन्होंने 1981 में, पद्म श्री पुरस्कार को ठुकरा दिया था।
  • बहुगुणा को 2009 में भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मानपद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें 1986 में ‘जमनालाल बजाज पुरस्कार’ से भी सम्मनित किया गया था।
  • 1987 में ‘चिपको आन्दोलन’ को ‘राइट लाइवलीहुड अवार्ड’ से भी सम्मनित किया गया था, जिसे 'वैकल्पिक नोबेल पुरस्कार' के रूप में जाना जाता है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप वेब पोर्टल/ऐप

राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी सॉफ्टवेयर ऐप और क्षेत्र अधिकारी निगरानी ऐप


केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण मंत्री, नरेंद्र सिंह तोमर ने 21 मई, 2021 को ‘राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी सॉफ्टवेयर ऐप’ (National Mobile Monitoring Software- NMMS app) और ‘क्षेत्र अधिकारी निगरानी ऐप’ (Area officer monitoring App) का लोकार्पण किया।

राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी सॉफ्टवेयर ऐप: यह महात्मा गांधी नरेगा योजना के कार्यस्थलों पर श्रमिकों की जीओ-टैग फोटोग्राफ के साथ रियलटाइम उपस्थिति लेने की अनुमति देता है, जो संभावित रूप से भुगतान को तेजी से सक्षम करने के अलावा कार्यक्रम की नागरिक निगरानी को बढ़ाएगा।

क्षेत्र अधिकारी निगरानी ऐप: इसके जरिए महात्मा गांधी नरेगा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी ग्रामीण विकास विभाग की सभी योजनाओं के लिए टाइम स्टैंप और जीओ-कोऑर्डिनेट के साथ टैग की गई तस्वीरों (geo-coordinate tagged photograph) और निष्कर्षों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखने की सुविधा प्रदान करता है।

  • यह न केवल क्षेत्रीय और पर्यवेक्षी अधिकारियों को निरीक्षणों के बेहतर रिकॉर्ड रखने में सक्षम करेगा बल्कि इसके माध्यम से बेहतर कार्यक्रम कार्यान्वयन के लिए निष्कर्षों का विश्लेषण करने की भी सुविधा मिलेगी।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप विविध

उर्वी


कोलकाता के बोबाजार में ‘उर्वी’ (Urvi) की सफलता के साथ ईस्ट वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर में ‘टनल बोरिंग मशीन’ (Tunnel Boring Machine) द्वारा 800 मीटर सुरंग निर्माण का काम 15 मई, 2021 को पूरा हुआ।

  • इस सफलता के साथ कोलकाता ईस्ट-वेस्ट मेट्रो परियोजना के लिए टीबीएम से सुरंग बनाने का काम पूरा हो गया है।
  • इस मार्ग पर सदियों पुरानी इमारतें होने के कारण सुरंग निर्माण का काम मुश्किल था।
  • टनल बोरिंग मशीन ‘उर्वी’ ने 9 अक्टूबर, 2020 को एस्प्लेनेड (Esplanade) से सियालदह तक ईस्ट बाउंड टनल को पूरा किया था और शेष 800 मीटर (सियालदह से बोबाजार तक) को पूरा करने के लिए 9 जनवरी, 2021 को आवश्यक नवीनीकरण और निरीक्षण के बाद सियालदह से फिर से शुरू किया गया था।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप विविध

आयुष कोविड-19 काउंसलिंग हेल्पलाइन


21 मई, 2021 को केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा कोविड-19 की चुनौतियों के लिए आयुष-आधारित दृष्टिकोण और समाधान प्रदान करने हेतु एक समर्पित सामुदायिक सहायता हेल्पलाइन का संचालन शुरू किया गया है।

  • इसका टोल-फ्री नंबर 14443 है। यह हेल्पलाइन पूरे देश में शुरू हो गई है और सप्ताह के सातों दिन सुबह 6 बजे से आधी रात 12 बजे तक खुली रहेगी।
  • हेल्पलाइन 14443 के जरिये आयुष की विभिन्न विधाओं, जैसे आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी और सिद्ध के विशेषज्ञ, लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिये उपलब्ध रहेंगे।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस


21 मई

महत्वपूर्ण तथ्य: विशेष रूप से चाय उत्पादक देशों में, जहां प्रति व्यक्ति खपत अपेक्षाकृत कम है, में प्रति व्यक्ति खपत में गिरावट को दूर करने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य चाय के सतत उत्पादन को बढ़ावा देना है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

संवाद और विकास हेतु विश्व सांस्कृतिक विविधता दिवस


21 मई

महत्वपूर्ण तथ्य: 2001 में, यूनेस्को ने सांस्कृतिक विविधता पर सार्वभौमिक घोषणा को अपनाया और दिसंबर 2002 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 मई को संवाद और विकास हेतु विश्व सांस्कृतिक विविधता दिवस घोषित किया।