आर्थिक समीक्षा 2021-22


केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने 31 जनवरी, 2022 को संसद में आर्थिक समीक्षा 2021-22 पेश की। इस वर्ष की आर्थिक समीक्षा का मूल विषय ‘त्वरित दृष्टिकोण’ (Agile approach) है, जिसे कोविड-19 महामारी की स्थिति में भारत के आर्थिक क्रियाकलाप के माध्यम से कार्यान्वित किया गया है।

1. अर्थव्यवस्था की स्थिति

  • 2020-21 में 7.3% की गिरावट के बाद 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ने का अनुमान है। -- 9.2% (पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार) की वृद्धि दर से
  • 2022-23 में रियल टर्म जीडीपी की विकास दर कितने प्रतिशत रहने का अनुमान है? -- 8 से 8.5%
  • आर्थिक सुधारों को समर्थन देने के लिए आने वाले साल में वित्तीय प्रणाली के साथ किस क्षेत्र में बढ़ोतरी की संभावना है? -- निजी क्षेत्र के निवेश में
  • 2022-23 के लिए यह अनुमान विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक की क्रमश: कितने प्रतिशत रियल जीडीपी विकास की संभावना के अनुरूप है? -- 8.7% और 7.5%
  • आईएमएफ के ताजा विश्व आर्थिक परिदृश्य अनुमान के अनुसार, 2021-22 और 2022-23 में भारत की रियल जीडीपी विकास दर 9% रहने की संभावना है। आईएमएफ के ताजा विश्व आर्थिक परिदृश्य अनुमान के अनुसार भारत की रियल जीडीपी विकास दर 2023-24 में कितने प्रतिशत रहने की संभावना है? -- 7.1%
  • भारत कब तक दुनिया की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था बनी रहेगी? -- अगले तीन साल तक
  • 2021-22 में वृद्धि का अनुमान है। -- कृषि और संबंधित क्षेत्रों में 3.9%; उद्योग में 11.8% और सेवा क्षेत्र में 8.2%
  • मांग (Demand side) की बात करें तो 2021-22 में अनुमान है। -- खपत 7.0%, सकल स्थायी पूंजी निर्माण 15%, निर्यात 16.5% और आयात 29.4% की दर से बढ़ने का
  • बृहद आर्थिक स्थायित्व संकेतकों से पता चलता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस वर्ष की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। -- वर्ष 2022-23 की
  • इनके संयोजन से 2022-23 में वैश्विक स्तर पर तरलता में संभावित कमी के खिलाफ पर्याप्त समर्थन देने में सहायता मिलेगी। -- उच्च विदेशी मुद्रा भंडार, टिकाऊ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और निर्यात में वृद्धि
  • 2020-21 में लागू पूर्ण लॉकडाउन की तुलना में ‘दूसरी लहर’ का आर्थिक प्रभाव कम रहा, हालांकि इसका स्वास्थ्य पर प्रभाव था। -- काफी गंभीर (more severe)
  • भारत सरकार की विशेष प्रतिक्रिया में समाज के कमजोर तबकों और कारोबारी क्षेत्र को प्रभावित होने से बचाने के लिए शामिल रहे। -- सुरक्षा जाल तैयार करने, विकास दर को गति देने के लिए पूंजीगत व्यय में खासी बढ़ोतरी और टिकाऊ दीर्घकालिक विस्तार के लिए आपूर्ति के क्षेत्र में सुधार
  • सरकार की लचीली और बहुस्तरीय प्रतिक्रिया आंशिक रूप से ‘त्वरित’ रूपरेखा (Agile framework) पर आधारित है, जिसमें बेहद अनिश्चिता के माहौल में खामियों को दूर करने पर जोर दिया गया और इतने संकेतकों का इस्तेमाल किया गया। -- 80 हाई फ्रीक्वेंसी इंडीकेटर्स (High Frequency Indicators)

2. राजकोषीय घटनाक्रम (Fiscal Developments)

  • 2021-22 बजट अनुमान (2020-21 के अनंतिम आंकड़ों की तुलना में) 9.6% की अनुमानित वृद्धि की तुलना में अप्रैल-नवम्बर, 2021 के दौरान केन्द्र सरकार की राजस्व प्राप्तियां कितने प्रतिशत तक बढ़ गईं। -- 67.2%
  • 2019-20 के महामारी से पहले के स्तरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हुये सालाना आधार पर अप्रैल-नवम्बर, 2021 के दौरान सकल कर-राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की गई। -- 50% से ज्यादा की
  • अप्रैल-नवम्बर, 2021 के दौरान बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों पर जोर के साथ पूंजी व्यय मेंसालाना आधार पर कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई? -- 13.5%
  • टिकाऊ राजस्व संग्रह और एक लक्षित व्यय नीति से अप्रैल-नवम्बर, 2021 के दौरान राजकोषीय घाटे को बजट अनुमान के इस स्तर पर सीमित रखने में सफलता मिली। -- 46.2% के स्तर पर
  • कोविड-19 के चलते उधारी बढ़ने के साथ 2020-21 में केन्द्र सरकार का कर्ज 2019-20 में जीडीपी के 49.1% के स्तर की तुलना में बढ़कर हो गया। -- जीडीपी का 59.3%

3. वैदेशिक क्षेत्र (External Sectors)

  • भारत के वाणिज्यिक निर्यात एवं आयात ने दमदार वापसी की और चालू वित्त वर्ष के दौरान यह कोविड से पहले के स्तरों से हो गया। -- ज्यादा
  • पर्यटन से कमजोर राजस्व के बावजूद प्राप्तियों और भुगतान के महामारी से पहले के स्तरों पर पहुंचने के साथ सकल सेवाओं (Net sevices) में दर्ज की गई। -- अच्छी बढ़ोतरी
  • विदेशी निवेश में निरंतर बढ़ोतरी, सकल बाह्य वाणिज्यिक उधारी व बैंकिंग पूंजी में सुधार और अतिरिक्त विशेष निकासी अधिकार (एसडीआर) आवंटन के दम पर 2021-22 की पहली छमाही में सकल पूंजी प्रवाह (Net capital flows) बढ़कर हो गया। -- 65.6 बिलियन डॉलर
  • सितम्बर 2021 के अंत तक एक साल पहले के 556.8 बिलियन डॉलर की तुलना में भारत का वैदेशिक कर्ज बढ़कर 593.1 बिलियन डॉलर हो गया। इससे संकेत मिलते हैं। -- आईएमएफ द्वारा अतिरिक्त एसडीआर आवंटन के साथ ही ज्यादा वाणिज्यिक उधारी के
  • 2021-22 की पहली छमाही में विदेशी मुद्रा भंडार 600 बिलियन डॉलर से ऊपर निकल गया और यह 31 दिसम्बर, 2021 तक इस स्तर पर पहुंच गया। -- 633.6 बिलियन डॉलर
  • नवम्बर 2021 के अंत तक चीन, जापान और स्विट्जरलैंड के बाद चौथा सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार वाला देश था। -- भारत

4. मौद्रिक प्रबंधन और वित्तीय मध्यस्थता (Monetary Management and Financial Intermediation)

  • 2021-22 में रेपो दर बनी रही। -- 4% पर
  • भारतीय रिजर्व बैंक ने और अधिक तरलता प्रदान करने के लिए ये कदम उठाए हैं। -- जी-सेक अधिग्रहण कार्यक्रम (G-Sec Acquisition Programme) तथा विशेष दीर्घकालिक रेपो संचालन (Long-Term Repo Operations)
  • 2021-22 में वार्षिक आधार पर ऋण वृद्धि अप्रैल 2021 के 5.3% से बढ़कर 31 दिसंबर, 2021 तक इतने प्रतिशत रही। -- 9.2%
  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) का सकल अनुत्पादक अग्रिम अनुपात (Gross Non-Performing Advances ratio) 2017-18 अंत के 11.2% से घटकर सितंबर 2021 के अंत में हो गया। -- 6.9%
  • समान अवधि के दौरान शुद्ध अनुत्पादक अग्रिम अनुपात (Net Non-Performing Advances ratio) 6% से घटकर हो गया। -- 2.2%
  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का पूंजी-जोखिम भारांक परिसंपत्ति अनुपात (Capital to risk-weighted asset ratio) 2013-14 के 13% से बढ़कर सितंबर 2021 के अंत में रहा। -- 16.54%
  • सितंबर 2021 में समाप्त होने वाली अवधि के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए परिसंपत्तियों पर रिटर्न और इक्विटी पर रिटर्न बना रहा। -- सकारात्मक
  • अप्रैल-नवंबर, 2021 में 75 प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से 89,066 करोड़ रुपये उगाहे गए, जो है। -- पिछले एक दशक के किसी भी वर्ष में सबसे अधिक
  • प्रमुख उभरती बाजार अर्थव्यवस्था में भारतीय बाजारों ने अप्रैल-दिसंबर, 2021 में प्रदर्शन किया। -- समकक्ष बाजारों से अच्छा प्रदर्शन

5. कीमतें और मुद्रास्फीति (Prices and Inflation)

  • औसत हेडलाइन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-संयुक्त मुद्रास्फीति 2021-22 (अप्रैल-दिसंबर) में सुधरकर 5.2% हुई, जबकि 2020-21 की इसी अवधि में यह थी। -- 6.6%
  • खुदरा स्फीति में गिरावट किस कारण आई? -- खाद्य मुद्रास्फीति में सुधार के कारण
  • 2021-22 (अप्रैल से दिसंबर) में औसत खाद्य मुद्रास्फीति 2.9% के निम्न स्तर पर रही, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह थी। -- 9.1%
  • वर्ष के दौरान किसने अधिकतर आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखा? -- प्रभावी आपूर्ति प्रबंधन ने
  • इनके मूल्य वृद्धि नियंत्रित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए गए। -- दालों और खाद्य तेलों
  • पेट्रोल और डीजल की कीमतों को कम करने में मदद मिली। -- केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कमी और बाद में अधिकांश राज्यों द्वारा मूल्य वर्धित कर (VAT) में कटौती से
  • थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित थोक मुद्रास्फीति 2021-22 (अप्रैल से दिसंबर) के दौरान 12.5% बढ़ी। ऐसा इन कारणों से हुआ।- पिछले वर्ष में निम्न आधार, आर्थिक गतिविधियों में तेजी, कच्चे तेल और अन्य आयातित वस्तुओं की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज वृद्धि, औरउच्च माल ढुलाई लागत।
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-संयुक्त (सीपीआई-सी) मुद्रास्फीति तथा थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित थोक मुद्रास्फीति के बीच अंतर मई 2020 में शीर्ष पर रहा। -- 9.6% अंक
  • दोनों सूचकांकों में अंतर इन कारणों से हुआ था। - आधार प्रभाव (base effect) के कारण अंतर, दो सूचकांकों के दायरे और कवरेज में अंतर, मूल्य संग्रह, कवर की गई वस्तुएं, कमोडिटी (वस्तु) भार में अंतर और आयातित कच्चे मालों की कीमत ज्यादा होने के कारण डब्ल्यूपीआई आधारित मुद्रास्फीति का संवेदी हो जाना।
  • सीपीआई-सी तथा डब्ल्यूपीआई में अंतर कम होने की आशा की जाती है। -- डब्ल्यूपीआई में आधार प्रभाव की क्रमिक समाप्ति से

6. संधारणीय विकास और जलवायु परिवर्तन (Sustainable Development and Climate Change)

  • नीति आयोग एसडीजी इंडिया सूचकांक तथा डैशबोर्ड पर भारत का समग्र स्कोर 2018-19 में 57 तथा 2019-20 में 60 था। 2020-21 में भारत का समग्र स्कोर सुधरकर हो गया। -- 66
  • फ्रंट रनर्स (65-99 स्कोर) वाले राज्यों तथा केन्द्र-शासित प्रदेशों की संख्या 2019-20 में 10 के मुकाबले 2020-21 में बढ़कर हो गई है। -- 22
  • नीति आयोग पूर्वोत्तर क्षेत्र जिला एसडीजी सूचकांक 2021-22 में पूर्वोत्तर भारत में कितने जिले फ्रंट रनर्स तथा परफॉर्मर रहे? -- 64 जिले फ्रंट रनर्स तथा 39 जिले परफॉर्मर
  • विश्व में दसवां सबसे बड़ा वन क्षेत्र वाला देश है। -- भारत
  • 2010 से 2020 के दौरान वन क्षेत्र वृद्धि के मामले में 2020 में भारत का विश्व में स्थान रहा। -- तीसरा
  • वर्ष 2020 में भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 24% वनों से आच्छादित रहा, जो विश्व के कुल वन क्षेत्र का कितना प्रतिशत है? -- 2%
  • अगस्त 2021 में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम, 2021 अधिसूचित किए गए, जिसका उद्देश्य है। -- 2022 तक सिंगल यूज प्लास्टिक को समाप्त करना
  • किसके लिए विस्तारित उत्पादक दायित्व पर प्रारूप विनियमन अधिसूचित किया गया है?-- प्लास्टिक पैकेजिंग के लिए
  • गंगा तथा उसकी सहायक नदियों के तटों पर अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों की अनुपालन स्थिति 2017 के 39% से सुधरकर 2020 में कितने प्रतिशत हो गई?-- 81%
  • उत्सर्जित अपशिष्ट में 2017 के 349.13 मिलियन लीटर दैनिक (एमएलडी) से 2020 में कमी आई है। -- 280.20 मिलियन लीटर दैनिक (एमएलडी) की
  • प्रधानमंत्री ने नवंबर 2021 में ग्लास्गो में आयोजित 26वें पक्षकार सम्मेलन (COP-26) के राष्ट्रीय वक्तव्य के हिस्से के रूप में उत्सर्जन मे कमी लाने के लिए किस वर्ष तक प्राप्त किए जाने वाले महत्वाकांक्षी लक्ष्यों की घोषणा की? -- 2030 तक
  • प्रधानमंत्री ने एक शब्द ‘लाइफ’ यानी पर्यावरण के लिए जीवनशैली (Lifestyle for Environment: LIFE) प्रारंभ करने की आवश्यकता महसूस करते हुए बिना सोचे-समझे तथा विनाशकारी खपत (mindless and destructive consumption) के बदले यह करने का आग्रह किया है। -- सोचपूर्ण तथा विचारपूर्वक उपयोग (mindful and deliberate utilization)

7. कृषि और खाद्य प्रबंधन (Agriculture and Food Managemen)

  • पिछले दो वर्षों में कृषि क्षेत्र ने तेजी से वृद्धि का अनुभव किया है। कृषि क्षेत्र के सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) का देश के सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में कितने प्रतिशत का योगदान है? -- 18.8% (2021-22)
  • कृषि क्षेत्र ने कितनी वृद्धि दर्ज की है? -- वर्ष 2020-21 में 3.6% और 2021-22 में 3.9% की वृद्धि
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नीति का उपयोग किसे प्रोत्साहित करने के लिए किया जा रहा है? -- फसल विविधिकरण
  • 2014 की स्थिति आकलन सर्वेक्षण (Situation Assessment Survey) रिपोर्ट की तुलना में नवीनतम स्थिति आकलन सर्वेक्षण में फसल उत्पादन से शुद्ध प्राप्तियों (Net receipts) में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई? -- 22.6%
  • यह क्षेत्र तेजी से उच्च वृद्धि वाले क्षेत्र (high growth sector) के रूप में तथा कृषि क्षेत्र में सम्पूर्ण वृद्धि के प्रमुख प्रेरक के रूप में उभर रहे हैं। -- पशुपालन, डेयरी तथा मत्स्यपालन सहित संबंधित क्षेत्र
  • 2019-20 में समाप्त होने वाले पिछले पांच वर्षों में पशुधन क्षेत्र कितने प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (Compound annual growth rate) पर बढ़ा रहा है? -- 8.15%
  • पशुधन क्षेत्र कृषि परिवारों के समूहों में आय का एक स्थिर स्रोत रहा है, जिसका उनकी औसत मासिक आय में लगभग इतने प्रतिशत का योगदान है। -- 15%
  • इन विभिन्न उपायों के माध्यम से सरकार खाद्य प्रसंस्करण को सहायता देती है। -- अवसंरचना विकास, रियायती परिवहन तथा सूक्ष्म खाद्य उद्यमों (micro food enterprises) के औपचारीकरण के लिए समर्थन
  • सरकार ने इन जैसी योजनाओं के माध्यम से खाद्य सुरक्षा नेटवर्क कवरेज का और अधिक विस्तार किया है। -- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना

8. उद्योग एवं अवसंरचना (Industry and Infrastructure)

  • औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) अप्रैल-नवम्बर, 2020 में (-)15.3% था। अप्रैल-नवम्बर, 2021 के दौरान यह बढ़कर हो गया। -- 17.4% (वर्ष दर वर्ष)
  • भारतीय रेलवे के लिए पूंजीगत व्यय 2009-2014 के दौरान 45,980 करोड़ रुपये के वार्षिक औसत से बढ़कर 2020-21 में 155,181 करोड़ रुपये हो गया और 2021-22 में इसे 215,058 करोड़ रुपये तक बढ़ाने का बजट रखा गया है, इस प्रकार इसमें 2014 के स्तर की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। -- पांच गुना
  • वर्ष 2020-21 में प्रतिदिन सड़क निर्माण की सीमा को बढ़ाकर 36.5 किलोमीटर प्रतिदिन कर दिया गया है, जो 2019-20 में 28 किलोमीटर प्रतिदिन थी। इस प्रकार इसमें बढ़ोतरी दर्ज हुई है।-- 30.4%
  • बड़े कॉरपोरेट के बिक्री अनुपात से निवल लाभ (Net profit to sales ratio of large corporates) वर्ष 2021-22 की जुलाई-सितम्बर तिमाही में महामारी के बावजूद इस स्तर पर पहुंच गया है। -- 10.6% के सर्वकालिक उच्चस्तर पर (आरबीआई अध्ययन)
  • इस योजना के शुभारंभ से लेनदेन लागत घटाने और व्यापार को आसान बनाने के कार्य में सुधार लाने के उपायों के साथ-साथ डिजिटल और वस्तुगत दोनों बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिला है, जिससे आर्थिक सुधार की गति में मदद मिलेगी।-- उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना

9. सेवाएं (Services)

  • 2021-22 की जुलाई-सितंबर तिमाही में सेवाओं का सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) महामारी-पूर्व स्तर को पार कर गया है। हालाँकि इन क्षेत्रों का जीवीए अभी भी पूर्व-महामारी स्तर से नीचे है। -- व्यापार, परिवहन आदि जैसे संपर्क गहन क्षेत्रों में
  • समग्र सेवा क्षेत्र जीवीए में 2021-22 में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है? -- 8.2%
  • अप्रैल-दिसम्बर, 2021 के दौरान हवाई मालभाड़ा और बंदरगाह यातायात लगभग अपने पूर्व-महामारी स्तरों तक पहुंच गये हैं। जबकि इसने पूर्व-महामारी स्तर को पार कर लिया है। -- रेल मालभाड़ा ने
  • वर्ष 2021-22 की पहली छमाही के दौरान सेवा क्षेत्र ने 16.7 बिलियन डॉलर से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त किया, जो भारत में कुल एफडीआई प्रवाह का लगभग इतना प्रतिशत है। -- 54%
  • ‘आईटी-बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट’ सेवा राजस्व 2020-21 में 194 बिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि के दौरान इस क्षेत्र में कितने कर्मचारी शामिल किए गए? -- 1.38 लाख कर्मचारी
  • प्रमुख सरकारी सुधारों में शामिल है। -- आईटी-बीपीओ क्षेत्र में टेलिकॉम विनियमों को हटाना और निजी क्षेत्र के दिग्गजों के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र को खोलना
  • सेवा निर्यात ने 2020-21 की जनवरी-मार्च तिमाही में पूर्व-महामारी स्तर को पार कर लिया और इसमें 2021-22 की पहली छमाही में 21.6% की वृद्धि हुई। इसमें मजबूती आई है। -- सॉफ्टवेयर और आईटी सेवा निर्यात के लिए वैश्विक मांग से
  • अमेरिका और चीन के बाद विश्व में तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन गया है। -- भारत
  • नये मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स की संख्या 2016-17 में केवल 733 थी। 2021-22 में इनकी संख्या बढ़कर हो गई है। --14 हजार से अधिक
  • 44 भारतीय स्टार्ट-अप्स ने 2021 में यूनिकॉर्न दर्जा हासिल किया। इससे यूनिकॉर्न स्टार्ट-अप्स की कुल संख्या 83 हो गई है और इनमें से अधिकांश हैं। -- सेवा क्षेत्र में

10. सामाजिक अवसंरचना, रोजगार और मानव विकास (Social Infrastructure, Employment and Human Development)

  • 16 जनवरी, 2022 तक कोविड-19 टीके की खुराक दी जा चुकी हैं। -- 156.76 करोड़ खुराक
  • अर्थव्यवस्था में सुधार से यह संकेतक वर्ष 2020-21 की अंतिम तिमाही के दौरान वापस पूर्व-महामारी स्तर पर आ गए हैं। -- रोजगार संकेतक (employment indicators)
  • इन आंकड़ों के अनुसार महामारी के कारण प्रभावित शहरी क्षेत्र में रोजगार लगभग पूर्व महामारी स्तर तक वापस आ गये हैं। -- मार्च 2021 तक प्राप्त तिमाही आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण
  • 2020-21 की तुलना में वर्ष 2021-22 में सामाजिक सेवा क्षेत्र के व्यय आवंटन में कितने प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई? -- 9.8%
  • सकल घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में केंद्र और राज्यों द्वारा सामाजिक सेवाओं (स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य) पर व्यय 2014-15 में 6.2% से बढ़कर 2021-22 (बजट अनुमान) में हो गया। -- 8.6%
  • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार कुल प्रजनन दर (टीएफआर) 2019-21 में घटकर 2 हो गई, जो 2015-16 में थी। -- 2.2
  • शिशु मृत्यु दर (आईएमआर), पांच साल से कम शिशुओं की मृत्यु दर में-- कमी हुई है
  • 2015-16 की तुलना में 2019-21 में सुधार हुआ है। -- अस्पतालों/प्रसव केन्द्रों में शिशुओं के जन्म में
  • अगस्त 2019 में जल जीवन मिशन के आरंभ होने के बाद से इतने घरों को नल जल आपूर्ति उपलब्ध कराई गई है। -- 5.5 करोड़ से अधिक घरों को
  • जल जीवन मिशन के तहत कितने जिले ‘हर घर जल’ जिले बन गए हैं? -- 83 जिले
  • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार बेहतर स्वच्छता सुविधा का उपयोग करने वाले घरों की आबादी 2015-16 के 48.5% से बढ़कर 2019-21 में हो गई। -- 70.2%
  • महामारी के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में इनके लिए बफर उपलब्ध कराने हेतु महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमएनआरईजीएस) के लिए निधियों का अधिक आवंटन किया गया। -- असंगठित श्रम के लिए

11. उपग्रह तथा मानचित्रण द्वारा विकास की निगरानी (Tracking Development through Satellite Images and Cartography)

  • इस वर्ष के आर्थिक सर्वेक्षण का एक महत्वपूर्ण विषय है। -- आर्थिक गतिविधि एवं विकास पर नजर रखने के लिए आंकड़ों तथा सूचना के नए रूपों का उपयोग
  • लंबी अवधि के विकास पर नजर रखने, तुलना करने और दर्शाने के लिए इनका उपयोग किया जा सकता है। -- भू-स्थानिक आंकड़े और मानचित्रण तकनीकों का
  • 2012 और 2021 के बीच इन आंकड़ों की तुलना की गई है। -- भारत के रात्रि-समय चमक (Light-time luminosity) संबंधी
  • भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार को भी दर्शाया गया है। भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क अगस्त, 2011 में 71,772 किलोमीटर था, जो अगस्त 2021 तक बढ़कर हो गया है। -- 1,40,152 किलोमीटर
  • 2016 और 2021 के बीच भारत में संचालित हवाई अड्डों की संख्या की तुलना की गई है। देश में संचालित हवाई अड्डों (उड़ान योजना-पूर्व) की संख्या नवम्बर 2016 में 62 थी। यह संख्या दिसम्बर 2021 तक बढ़कर हो गई। -- 130
  • आर्थिक गतिविधियों और विकास पर नजर रखने के लिए इनका भी प्रयोग किया जा सकता है। -- शहरों के मेट्रो-रेल नेटवर्क
  • सर्वेक्षण में इनकी भी तुलना की गई है। -- वार्षिक जल भंडारण, विभिन्न शहरों के जनसंख्या घनत्व, खरीफ फसल चक्र और बंजर भूमि के पुनर्नियोजन (Wasteland redeployment)

केंद्रीय बजट 2022-23


केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2022 को संसद में केंद्रीय बजट 2022-23 पेश किया।

भाग-1

  • भारत की आर्थिक वृद्धि दर इतने प्रतिशत अनुमानित है, जो सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है। -- 9.2%
  • 14 क्षेत्रों में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत इतने नए रोजगार का सृजन होगा। -- 60 लाख नए रोजगार
  • पीएलआई योजना में कितना अतिरिक्त उत्पादन बढ़ाने की क्षमता है? -- 30 लाख करोड़ रुपए का
  • नई सार्वजनिक क्षेत्र की उद्यम नीति के कार्यान्वयन की दिशा में यह कार्य पूरा हो गया है। -- एयर इंडिया के रणनीतिक स्वामित्व हस्तांतरण का
  • अमृत काल में प्रवेश करते हुए अगले 25 साल में यह बजट ‘भारत@75’ को ‘भारत@100’ तक ले जाने पर केन्द्रित है। इस बजट में 4 प्राथमिकताओं में विकास पर जोर दिया गया है। -- पीएम गतिशक्ति; समावेशी विकास; उत्पादकता संवर्धन एवं निवेश, सनराइज अवसर, ऊर्जा संक्रमण और जलवायु कार्रवाई; तथा निवेश का वित्तपोषण

1. पीएम गतिशक्ति

  • पीएम गतिशक्ति को बढ़ावा देने वाले 7 कारक हैं। -- सड़क, रेल मार्ग, हवाई मार्ग, विमानपत्तन, माल परिवहन, जल मार्ग और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना
  • राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन में इन 7 कारकों से जुड़ी परियोजनाओं को इससे जोड़ दिया जाएगा। -- पीएम गतिशक्ति फ्रेमवर्क
  • राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में 2022-23 में कितने किलोमीटर का विस्तार किया जाएगा? -- 25000 किलोमीटर
  • राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में विस्तार के लिए जुटाए जाएंगे। -- 20000 करोड़ रुपए
  • 2022-23 में 4 स्थानों पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के कार्यान्वयन के लिए किस प्रारूप के जरिए संविदाएं प्रदान की जाएंगी? -- सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी)
  • स्थानीय व्यापार और आपूर्ति शृंखलाओं को बढ़ाने के लिए इसकी अवधारणा को लोकप्रिय बनाया जाएगा। -- ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ (One Station One Product)
  • 2002-23 में 2000 किलोमीटर रेलवे नेटवर्क को ‘सुरक्षा और क्षमता सवंर्धन के लिए’ विश्व स्तर की इस स्वदेशी प्रौद्योगिकी के तहत लाया जाएगा। -- 'कवच' (Kavach)
  • अगले तीन वर्षों के दौरान इन ट्रेनों का विकास और विनिर्माण किया जाएगा। -- 400 नई पीढ़ी की वंदे भारत ट्रेनों
  • अगले तीन वर्षों के दौरान मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स के लिए विकसित किए जाएंगे। -- 100 पीएम गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल
  • दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक सड़कों के पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ विकल्प के रूप में, इस नाम से राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम को पीपीपी मोड में चलाया जाएगा। -- पर्वतमाला
  • 2022-23 में इन परियोजनाओं के लिए अनुबंध दिए जाएंगे। -- 60 किलोमीटर लंबी 8 रोपवे परियोजनाओं

2. समावेशी विकास

  • गेहूं और धान की खरीद के लिए 1.63 करोड़ किसानों को सीधा भुगतान किया जाएगा। -- 2.37 लाख करोड़ रुपए का
  • पूरे देश में रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। शुरू में इस नदी से सटे 5 किलोमीटर की चौड़ाई तक के गलियारे वाले किसानों की जमीनों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। -- गंगा नदी
  • यह वित्तीय संस्थान कृषि और ग्रामीण उद्यमों से जुड़े स्टार्टअप्स को वित्तपोषित करने के लिए ‘मिश्रित पूंजी के साथ फंड’ (fund with blended capital) की सुविधा प्रदान करेगा? -- नाबार्ड
  • 'किसान ड्रोन' के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। -- फसलों के आकलन, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, कीटनाशकों और पोषक तत्वों के छिड़काव के लिए
  • 2022-23 में केन-बेतवा लिंक परियोजना के कार्यान्वयन के लिए कितना परिव्यय का प्रावधान है? -- 1400 करोड़ रुपए का
  • केन-बेतवा लिंक परियोजना से किसानों की कितनी जमीन को सिंचाई का लाभ मिलेगा? -- 9.08 लाख हेक्टेयर
  • इन पांच नदी जोड़ो परियोजनाओं के डीपीआर मसौदे को अंतिम रूप दिया गया है। -- दमनगंगा-पिंजल, पार-तापी-नर्मदा, गोदावरी-कृष्णा, कृष्णा-पेन्नार और पेन्नार-कावेरी
  • इन पोर्टल को आपस में जोड़ा जाएगा। -- उद्यम, ई-श्रम, नेशनल करियर सर्विस और असीम पोर्टल
  • 130 लाख एमएसएमई को आपातकालीन क्रेडिट लिंक्ड गारंटी योजना (Emergency Credit Linked Guarantee Scheme: ECLGS) के तहत अतिरिक्त ऋण प्रदान किया है। ECLGS को कब तक बढ़ाया जाएगा?-- मार्च 2023 तक
  • ECLGS के तहत गारंटी कवर को 50000 करोड़ रुपए बढ़ाकर कुल कितना कर दिया जाएगा? -- 5 लाख करोड़ रुपए
  • सूक्ष्म और लघु उद्यमों को इसके तहत 2 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त क्रेडिट दिया जाएगा। -- 'सूक्ष्म और लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट' (Credit Guarantee Trust for Micro and Small Enterprises: CGTMSE)
  • 6000 करोड़ रुपए के परिव्यय से यह कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। -- रेजिंग एंड एसिलेरेटिंग एमएसएमई परफोर्मेंस (Raising and Accelerating MSME Performance: RAMP)
  • गतिशील उद्योग की जरूरतों के अनुरूप इसका नवीनीकरण किया जाएगा। -- राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (NSQF)
  • ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से नागरिकों के कौशल सशक्तीकरण के लिए शुरू किया जाएगा। -- 'डिजिटल इकोसिस्टम फॉर स्किलिंग एंड लाइवलीहुड' (DESH-Stack e-portal)
  • किसके लिए स्टार्टप्स को बढ़ावा दिया जाएगा? -- ‘ड्रोन शक्ति’ की सुविधा और 'सेवा के रूप में ड्रोन' (Drone-As-A-Service: DrAAS) के लिए
  • सभी राज्यों को कक्षा-1 से कक्षा-12 के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में पूरक शिक्षा प्रदान करने में समर्थ बनाने हेतु पीएम ई-विद्या के 'एक कक्षा- एक टीवी चैनल' कार्यक्रम का विस्तार 12 टीवी चैनलों से कितने टीवी चैनलों तक किया जाएगा? -- 200 टीवी चैनलों तक
  • व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में, महत्वपूर्ण चिंतन कौशल को बढ़ावा देने के लिए 2022-23 में विज्ञान और गणित में 750 वर्चुअल प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। प्रभावी शिक्षण वातावरण के लिए कितनी कौशल ई-प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी? - 75 कौशल ई-प्रयोगशालाएं
  • इनके माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली ई- शिक्षण सामग्री विकसित की जाएगी। -- डिजिटल शिक्षकों के माध्यम से
  • देश भर के विद्यार्थियों को उनके द्वार पर व्यक्तिगत सीखने के अनुभव के साथ विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण सर्वसुलभ शिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापना की जाएगी। -- डिजिटल विश्वविद्यालय की
  • इसके लिए खुला मंच शुरू किया जाएगा। -- राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम
  • गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और देखभाल सेवाओं के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। -- राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम
  • 23 'टेली-मानसिक स्वास्थ्य उत्कृष्टता केंद्रों' का एक नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान (NIMHANS) नोडल केंद्र होगा। इस नेटवर्क को किसके द्वारा तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी? -- अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान-बैंगलोर
  • महिला एवं बाल विकास से संबंधित इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को एकीकृत लाभ प्रदान किए जाएंगे। -- मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0
  • ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ हैं। -- बेहतर बुनियादी ढांचा और ऑडियो-विजुअल सुविधाओं वाली नई पीढ़ी की आंगनवाड़ी
  • कितनी आंगनवाड़ियों का सक्षम आंगनवाड़ियों में उन्नयन किया जाएगा?-- दो लाख आंगनवाड़ियों
  • हर घर, नल से जल के तहत 2022-23 में 3.8 करोड़ परिवारों को कवर करने के लिए आवंटित किए गए हैं। -- 60,000 करोड़ रुपए
  • पीएम आवास योजना के तहत 2022-23 में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र दोनों में 80 लाख घरों को पूरा करने के लिए आवंटित किए गए हैं। -- 48,000 करोड़ रुपए
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे एवं सामाजिक विकास परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए यह नई योजना शुरू की गई है। -- 'पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री की विकास पहल' (Prime Minister’s Development Initiative for North-East Region: PM-DevINE)
  • PM-DevINE योजना के तहत युवाओं और महिलाओं को आजीविका गतिविधियों में समर्थ बनाने के लिए इतने शुरूआती आवंटन की व्यवस्था की गई है। -- 1500 करोड़ रुपए
  • आकांक्षी 112 जिलों में से कितने फीसदी ने स्वास्थ्य, पोषण, वित्तीय समावेशन और बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है? -- 95 फीसदी
  • इन आकांक्षी जिलों में कुछ ब्लॉक (विकासखंड) अभी भी पिछड़ रहे हैं। 2022-23 में यह कार्यक्रम उन जिलों के ऐसे ब्लॉकों पर केंद्रित होगा। -- आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (Aspirational Blocks Programme)
  • देश की उत्तरी सीमा पर विरल आबादी (sparse population), सीमित संपर्क एवं बुनियादी ढांचे वाले सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए यह नया कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। -- जीवंत ग्राम कार्यक्रम (Vibrant Villages Programme)
  • शत-प्रतिशत इतने डाकघरों को कोर बैंकिंग प्रणाली (core banking system) में शामिल किया जाएगा। -- 1.5 लाख डाकघरों
  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा देश के 75 जिलों में स्थापना की जाएगी। -- 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयों की

3. उत्पादकता संवर्धन एवं निवेश, सनराइज अवसर, ऊर्जा संक्रमण और जलवायु कार्रवाई

  • अमृत काल के लिए शुरू किया जाएगा। -- ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस 2.0’ और ‘ईज ऑफ लिविंग का अगला चरण’
  • सभी पर्यावरणीय मंजूरी के लिए 2018 में लॉन्च किए गए इस सिंगल विंडो पोर्टल, जो कि आवश्यक समय लेने की प्रक्रिया को कम करने में सहायक रहा है, आवेदकों को जानकारी प्रदान करने हेतु विस्तारित किया जाएगा। -- 'परिवेश' (PARIVESH) पोर्टल
  • 2022-23 में ‘ई-पासपोर्ट’ शुरू किए जाएंगे। -- एम्बेडेड चिप और भावी प्रौद्योगिकी के उपयोग वाले
  • शहरी क्षेत्र के लिए इनका कार्यान्वयन किया जाएगा। -- भवन उपनियमों का आधुनिकीकरण, टाउन प्लानिंग स्कीम और पारगमन उन्मुखी विकास (Transit Oriented Development)
  • शहरी क्षेत्र की नीतियों, क्षमता निर्माण, नियोजन (planning), क्रियान्वयन और गवर्नेंस पर सिफारिशें करने के लिए इन्हें शामिल कर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। -- प्रतिष्ठित शहरी नियोजकों, अर्थशास्त्रियों और संस्थानों को
  • बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए शहरी क्षेत्रों में जगह की कमी को ध्यान में रखते हुए यह नीति लाई जाएगी। -- 'बैटरी अदला-बदली नीति' (battery swapping polic
  • भूमि अभिलेख के आईटी आधारित प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए राज्यों को इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। -- 'विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या' (Unique Land Parcel Identification Number)
  • कंपनियों को तेजी से बंद करने (winding-up of companies) के लिए किसकी स्थापना की जाएगी? -- 'सेन्टर फॉर प्रोसेसिंग एक्सिलरेटिड कॉरपोरेट एक्जिट' (Centre for Processing Accelerated Corporate Exit: C-PACE)
  • एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक (एवीजीसी) क्षेत्र की संभावना का पता लगाने के लिए स्थापना की जाएगी। -- एक 'एवीजीसी संवर्द्धन कार्य बल' (AVGC Promotion Task Force) की
  • उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के एक हिस्से के रूप में ‘5जी’ के लिए एक मजबूत इको-सिस्टम स्थापित करने के लिए शुरू की जाएगी। -- डिजाइन आधारित विनिर्माण योजना
  • राज्यों को 'उद्यम और सेवा केंद्रों के विकास' में भागीदार बनने में समर्थ बनाने के लिए इस अधिनियम को एक नए कानून से बदला जाएगा। -- विशेष आर्थिक क्षेत्र अधिनियम
  • 2022-23 में रक्षा क्षेत्र में घरेलू उद्योग के लिए निर्धारित किया गया है।-- पूंजीगत खरीदारी बजट (capital procurement budget) का 68%
  • कितने बजट के साथ उद्योग, स्टार्टअप्स और शिक्षा के लिए रक्षा अनुसंधान विकास खोला जाएगा? -- 25% रक्षा अनुसंधान विकास बजट
  • इन सनराइज अवसरों (Sunrise Opportunities) में अनुसंधान एवं विकास के लिए सरकारी योगदान उपलब्ध कराया जाएगा। -- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भू-स्थानिक प्रणाली और ड्रोन, सेमीकंडक्टर और इसके इको-सिस्टम, अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, जीनोमिक्स और फार्मास्युटिकल्स, हरित ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन प्रणालियों में
  • जलवायु परिवर्तन के जोखिम सबसे मजबूत नकारात्मक बाहरी कारक हैं, जो भारत और अन्य देशों को प्रभावित करते हैं। सतत विकास के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण प्रतिबिंब यह रणनीति रोजगार के विशाल अवसर खोलती है। -- 'कम कार्बन विकास रणनीति' (low carbon development strategy)
  • वर्ष 2030 तक स्थापित सौर विद्युत का 280 गीगावॉट लक्ष्य हासिल करने के लिए उच्च दक्षता के सौर मॉड्यूल्स के निर्माण के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन के लिए कितना अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा? -- 19,500 करोड़ रुपए
  • कार्बन न्यूट्रल अर्थव्यवस्था में परिवर्तन (Transition to Carbon Neutral Economy) हेतु ताप विद्युत संयंत्रों में 5 से 7% बायोमास पैलेट्स (biomass pellets) फॉयर किए जाएंगे। जिसके परिणामस्वरूप होगा। -- सालाना 38 मिलियन मीट्रिक टन कार्बन डाई-ऑक्साइड की बचत होगी, किसानों को अतिरिक्त आय और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और खेतों में पराली जलाने से रोकने में मदद मिलेगी।
  • कोयला गैसीकरण और उद्योग के लिए कोयले को आवश्यक रसायनों में परिवर्तित करने के लिए स्थापित की जाएंगी। -- चार पायलट परियोजनाएं
  • इसे अपनाने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों से संबंधित किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। -- कृषि वानिकी

4. निवेश का वित्तपोषण (Financing of Investments)

  • 2022-23 में निजी निवेश और मांग को बढ़ावा देने के लिए जारी रखा जाएगा। -- सार्वजनिक निवेश
  • केंद्रीय बजट में पूंजीगत व्यय के परिव्यय को एक बार फिर से 35.4% बढ़ाकर चालू वर्ष में 5.54 लाख करोड़ रुपए से वर्ष 2022-23 में किया जा रहा है। -- 7.50 लाख करोड़ रुपए
  • 2022-23 में यह परिव्यय सकल घरेलू उत्पाद का कितना प्रतिशत होगा? -- 2.9%
  • केंद्र सरकार का 'प्रभावी पूंजीगत व्यय' 10.68 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है। 2022-23 में, जो सकल घरेलू उत्पाद का लगभग इतना प्रतिशत है। -- 4.1%
  • जीआईएफटी-सिटी में अनुमति दी जाएगी। -- विश्व स्तरीय विदेशी विश्वविद्यालयों और संस्थानों को
  • अधिकांश अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र के तहत विवादों के तेजी से निपटान के लिए जीआईएफटी-सिटी में स्थापित किया जाएगा। -- अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र
  • इन्हें बुनियादी ढांचे का दर्जा (Infrastructure Status) दिया जाएगा। -- डेटा सेंटर और ऊर्जा भण्डार प्रणालियों को
  • उद्यम पूंजी (वेंचर कैपिटल) और निजी इक्विटी ने पिछले साल एक सबसे बड़े स्टार्टअप और विकास इको-सिस्टम में सुविधा प्रदान की। उद्यम पूंजी (वेंचर कैपिटल) और निजी इक्विटी ने पिछले साल कितना निवेश किया? -- 5.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का
  • इन महत्वपूर्ण सनराइज सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार मिश्रित वित्त (Blended Finance) के लिए विषयगत निधियों (thematic funds) को बढ़ावा देगी। -- जलवायु कार्रवाई, डीप-टेक, डिजिटल अर्थव्यवस्था, फार्मा और एग्री-टेक
  • हरित बुनियादी ढांचे के लिए संसाधन जुटाने के लिए जारी किए जाएंगे। -- सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड
  • 2022-23 में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा इस ‘सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी’ (CBDC) की शुरुआत की जाएगी। -- 'डिजिटल रुपी' (Digital Rupee)
  • 'पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता की योजना' के लिए परिव्यय बजट अनुमानों में 10,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर चालू वर्ष के लिए संशोधित अनुमानों में कर दिया गया। -- 15,000 करोड़ रुपए
  • अर्थव्यवस्था में समग्र निवेश को प्रोत्साहित करने में राज्यों की सहायता के लिए 2022-23 में प्रदान किया जाएगा। -- 1 लाख करोड़ रुपए का आवंटन
  • 2022-23 में, राज्यों को सकल राज्य घरेलू उत्पाद के 4% राजकोषीय घाटे की अनुमति दी जाएगी, जिसका 0.5% का उपयोग इस क्षेत्र में किया जाएगा। -- विद्युत क्षेत्र सुधारों में
  • बजट अनुमान (2021-22) में अनुमानित 34.83 लाख करोड़ रुपए के कुल व्यय के मुकाबले, संशोधित अनुमान (2021-22) है। -- 37.70 लाख करोड़ रुपए
  • वर्ष 2022-23 में कुल अनुमानित व्यय है। -- 39.45 लाख करोड़ रुपए
  • 2022-23 में उधारी के अलावा कुल प्राप्तियां कितना होने का अनुमान है? -- 22.84 लाख करोड़ रुपए
  • चालू वर्ष में संशोधित राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का कितना प्रतिशत रहने का अनुमान है? -- 6.9%
  • 2022-23 में राजकोषीय घाटा अनुमानित है। -- सकल घरेलू उत्पाद का 6.4%

भाग- 2

1. प्रत्यक्ष कर

  • बजट में प्रस्ताव किया गया है। -- स्थिर और संभावित कर व्यवस्था की नीति को आगे जारी रखना; एक विश्वसनीय कर व्यवस्था स्थापित करने का विजन; और कर प्रणाली को और सरल बनाना और मुकदमेबाजी को कम करना।
  • करदाता को आय के आकलन में की गई गलतियों को सुधार कर 'अद्यतन रिटर्न' दाखिल करने का अवसर दिया जाएगा। अद्यतन रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। -- संबंधित आकलन वर्ष के अंत से दो वर्षों के भीतर
  • सहकारी समितियों और कंपनियों को एक समान अवसर प्रदान करने के लिए सहकारी समितियों द्वारा भुगतान किया जाने वाला वैकल्पिक न्यूनतम कर 18.5% से घटाकर कितने प्रतिशत किया गया है? -- 15%
  • एक करोड़ रुपए से अधिक और 10 करोड़ रुपए तक की कुल आमदनी वाली सहकारी समितियों के लिए अधिभार की मौजूदा दर को 12% से घटाकर कितना प्रतिशत किया गया है? -- 7%
  • दिव्यांग आश्रितों को उनके माता-पिता/अभिभावकों के जीवनकाल के दौरान बीमा योजनाओं से वार्षिकी और एकमुश्त राशि की अदायगी की अनुमति दी गई है। हालांकि, ऐसा तभी होगा जबमाता-पिता/अभिभावक की आयु हो जाएगी। -- 60 साल
  • राज्य सरकारों के कर्मचारियों को मिलने वाले सामाजिक सुरक्षा लाभों को बढ़ाने और इन्हें केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के समतुल्य करने के लिए राज्य सरकार के कर्मचारियों के राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) खाते में नियोक्ता के अंशदान पर कर कटौती की सीमा 10% से बढ़ाकर कितने प्रतिशत कर दी गई है? -- 14%
  • कर प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए पात्र स्टार्ट-अप के लिए निगमन की अवधि एक वर्ष बढ़ाकर कर दी गई है। -- 31 मार्च, 2023 तक
  • धारा 115बीएबी के तहत विनिर्माण या उत्पादन शुरू करने की अंतिम तिथि एक वर्ष बढ़ाकर कर दी गई है। -- 31 मार्च, 2024 तक
  • वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्तियों के लिए विशेष कर प्रणाली लागू की गई। किसी भी वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के अंतरण से होने वाली आय पर कर की दर होगी। -- 30%
  • इस प्रकार की आय की गणना करते समय इसे छोड़कर किसी भी खर्च अथवा भत्ते के लिए कटौती नहीं होगी। -- अधिग्रहण लागत को
  • वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के अंतरण से हुए नुकसान की भरपाई -- किसी अन्य आय से नहीं की जा सकती
  • लेन-देन के विवरण को दर्ज करने के लिए वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के अंतरण के संबंध में किए गए भुगतान पर टीडीएस देय होगा। -- एक मौद्रिक सीमा से ऊपर की रकम के लिए 1% की दर से
  • किसी वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति को उपहार के रूप में देने पर भी कर लगाने का प्रस्ताव है। यह कर किसे देना होगा? -- उपहार लेने वाले को
  • मुकदमा प्रबंधन के उद्देश्य से यदि किसी मामले में कानून उसी तरह का हो, जिससे संबंधित कोई मामला उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हो तो विभाग द्वारा अपील दायर करने की प्रक्रिया को कब तक टाल दिया जाए? -- अदालत द्वारा उस कानून के संबंध में फैसला दिये जाने तक
  • अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र (आईएफएससी) को बढ़ावा देने के लिए निर्धारित शर्तों के साथ इन्हें कर से छूट प्रदान की गई है- ऑफशोर डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट (offshore derivative instruments), या किसी ऑफशोर बैंकिंग इकाई द्वारा जारी ओवर द काउंटर डेरिवेटिव (over the counter derivatives) से होने वाली किसी प्रवासी की कोई आमदनी; रॉयल्टी तथा जहाज की लीज पर ब्याज से आय; तथा आईएफएससी में पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं से प्राप्त आय।
  • अधिभार के यौक्तिकीकरण (Rationalization of Surcharge) के लिए ‘एओपी’ (अनुबंध के निष्पादन के लिए गठित कंसोर्टियम) पर अधिभार की उच्चतम सीमा कितने प्रतिशत निर्धारित की गई है? -- 15%
  • व्यक्तिगत कंपनियों और एओपी के बीच अधिभार में अंतर को किया गया है। -- कम
  • किसी भी प्रकार की परिसंपत्ति के अंतरण से होने वाले दीर्घावधि पूंजीगत लाभ (long term capital gains) पर अधिभार की अधिकतम सीमा होगी। -- 15%
  • किसे कारोबारी खर्च की श्रेणी में रखने की अनुमति नहीं होगी। -- 'स्वास्थ्य और शिक्षा' उपकर को
  • कर- वंचन की रोकथाम के उद्देश्य से तलाशी एवं सर्वेक्षपण कार्रवाइयों के दौरान पता लगे अप्रकट/अघोषित आय (undisclosed income) के संबंध में किसी भी प्रकार के नुकसान के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी।-- समंजन (Adjustment) की

2. अप्रत्यक्ष कर

  • वैश्विक महामारी के बावजूद है। -- जीएसटी राजस्व में उछाल
  • विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) का सीमा शुल्क प्रशासन पूरी तरह आईटी से संचालित होगा और 'कस्टम्स नेशनल पोर्टल' पर कार्य करेगा। इसे क्रियान्वित किया जाएगा। -- 30 सितंबर, 2022 से
  • इसे पूरी तरह स्थापित कर दिया गया है। -- फेसलेस सीमा शुल्क
  • घरेलू क्षेत्र और ‘मेक इन इंडिया’ के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूंजीगत वस्तुओं और परियोजना आयात में रियायती दरों को धीरे-धीरे समाप्त करने और यह करने का प्रस्ताव है। 7.5% का मध्यम टैरिफ लगाने का प्रस्ताव
  • उन उन्नत मशीनरियों के लिए कुछ छूट जारी रहेगी, जिनका -- देश के भीतर विनिर्माण नहीं किया जाता है।
  • पर्याप्त घरेलू क्षमता वाली 350 से अधिक वस्तुओं पर सीमा शुल्क छूट को धीरे-धीरे हटाए जाने का प्रस्ताव है। इनमें शामिल हैं। -- कई कृषि उत्पाद, रसायन, वस्त्र, चिकित्सा उपकरण और दवाएं
  • विशेषकर इन जैसे क्षेत्रों के लिए सीमा शुल्क दर एवं शुल्क दर संरचना सरल हो जाएंगी और विवाद कम हो जाएगा। -- रसायन, वस्त्र और धातु

3. क्षेत्र विशेष प्रस्ताव

  • इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में देश में इनके विनिर्माण को सुविधाजनक बनाने हेतु श्रेणीबद्ध दरें तय करने के लिए सीमा शुल्क दरों में संशोधन किया जाएगा। -- पहनने योग्य उपकरणों (wearable devices), सुनने योग्य उपकरणों (hearable devices) और इलेक्ट्रॉनिक्स स्मार्ट मीटरों
  • देश में ज्यादा वृद्धि दर वाले इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के विनिर्माण के लिए इन पर शुल्क में छूट दी जाएगी। -- मोबाइल फोन के चार्जर के ट्रांसफॉर्मर के कलपुर्जों और मोबाइल कैमरा मॉड्यूल के कैमरा लेंस और कुछ अन्य वस्तुओं पर
  • रत्न व आभूषण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए तराशे एवं पॉलिश किए गए हीरों (cut and polished diamonds) और रत्न पत्थरों (gemstones) पर सीमा शुल्क घटाकर किया जा रहा है। -- 5%
  • कुछ भी सीमा शुल्क नहीं लगेगा। -- केवल तराशे गए हीरे पर
  • ई-कॉमर्स के जरिए आभषूण निर्यात को सुविधाजनक बनाने के लिए एक ‘सरल नियामकीय रूपरेखा’ लागू की जाएगी। -- जून 2022 तक
  • कम मूल्य वाले प्रतिरूप आभूषण (imitation jewellery) के आयात को हतोत्साहित करने के लिए प्रतिरूप आभूषण के आयात पर सीमा शुल्क लगाया जाएगा। -- प्रति किग्रा कम-से-कम 400 रुपए का
  • कुछ महत्वपूर्ण रसायनों पर सीमा शुल्क घटाया जा रहा है। -- जैसे- मेथेनॉल, एसिटिक एसिड और पेट्रोलियम शोधन से जुड़े हेवी फीड स्टॉक पर
  • देश में पर्याप्त क्षमता वाले सोडियम सायनाइड पर बढ़ाया जा रहा है। -- सीमा शुल्क
  • छाते पर सीमा शुल्क बढ़ाकर किया जा रहा है। -- 20%
  • किस पर दी जा रही शुल्क छूट को वापस लिया जा रहा है? -- छाते के कलपुर्जों पर
  • भारत में निर्मित किए जाने वाले इन कलपुर्जों पर दी जा रही शुल्क छूट को तर्कसंगत बनाया जा रहा है। -- कृषि क्षेत्र से जुड़े कलपुर्जों
  • एमएसएमई से जुड़े द्वितीयक इस्पात उत्पादकों को राहत प्रदान करने के लिए पिछले साल स्टील स्क्रैप पर दी गई सीमा शुल्क छूट अब दी जाएगी। -- एक साल और
  • निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कुछ वस्तुओं पर छूट दी जा रही हैं। -- फास्टनर्स (fasteners), बटन(buttons), जिपर (zipper), लाइनिंग मैटेरियल (lining material), विशेष चमड़ा, फर्नीचर फिटिंग्स एवं पैकेजिंग बॉक्स पर
  • किसके निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उसके आवश्यक कुछ कच्चे माल पर शुल्क (Duty) घटाया जा रहा है? -- झींगा जलीय कृषि (shrimp aquaculture)
  • ईंधन के सम्मिश्रण (blending of fuel) को प्रोत्साहित करने के लिए गैर-मिश्रित ईंधन पर 1 अक्टूबर, 2022 से कितना अतिरिक्त विभेदक उत्पाद शुल्क (differential excise duty) लगेगा? -- प्रति लीटर 2 रुपए