केंद्रीय बजट 2026-27
- 02 Feb 2026
1 फरवरी, 2026 को केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026–27 प्रस्तुत किया। बजट में युवा शक्ति-प्रेरित विकास-पथ को रेखांकित किया गया, जो तीन कर्तव्य पर आधारित है तथा जिनका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि को तीव्र करना, क्षमताओं का निर्माण करना और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।
मुख्य बिंदु
- बजट का दृष्टिकोण और दर्शन: यह बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है। यह तीन कर्तव्यों से प्रेरित है, जिनका केंद्र आर्थिक वृद्धि, जन-आकांक्षाओं की पूर्ति तथा सबका साथ, सबका विकास के अनुरूप समावेशी विकास है।
- गरीब और वंचितों पर ध्यान: सरकार के संकल्प को रेखांकित करते हुए बजट में गरीब, वंचित और उपेक्षित वर्गों को प्राथमिकता दी गई है, साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर होते हुए समावेशन और आकांक्षा के बीच संतुलन बनाए रखा गया है।
- सार्वजनिक पूँजीगत व्यय: बुनियादी ढाँचे की गति बनाए रखने हेतु सार्वजनिक पूँजीगत व्यय को 2025–26 के बजट अनुमान ₹11.2 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2026–27 में ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है।
- विनिर्माण और MSMEs: भविष्य के MSME चैंपियनों को तैयार करने हेतु ₹10,000 करोड़ केSME ग्रोथ फंडका प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही, जैविक औषधियों और बायोसिमिलर्स में घरेलू क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से ₹10,000 करोड़ की लागत सेबायोफार्मा शक्ति पहल की घोषणा की गई है।
- वस्त्र एवं रोजगार: वस्त्र क्षेत्र के लिए एकीकृत कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय फाइबर योजना, क्लस्टर आधुनिकीकरण, हथकरघा और हस्तशिल्प समर्थन, टेक्स-इको पहल तथा कौशल विकास हेतु समर्थ 2.0को शामिल किया गया है।
- परिवहन और संपर्क: विकास को गति देने वाले कनेक्टर के रूप में सात उच्च-गति रेल गलियारों का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों का परिचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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