भारत में अब 98 रामसर आर्द्रभूमि स्थल

  • 02 Feb 2026

हाल ही में भारत के दो नए स्थलों को ‘अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों की रामसर सूची’ में शामिल किया गया, जिससे देश में कुल रामसर स्थलों की संख्या 98 हो गई है।

मुख्य बिंदु

  • रामसर मान्यता की घोषणा: केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश के एटा ज़िले में पटना पक्षी अभयारण्य (Patna Bird Sanctuary) और गुजरात के कच्छ में छारी-ढांड (Chhari-Dhand) को रामसर स्थल घोषित किया गया है।
  • भारत का बढ़ता रामसर नेटवर्क: नवीनतम वृद्धि के साथ भारत के रामसर स्थल 96 से बढ़कर 98 हो गए हैं। यह 2014 की तुलना में 276% से अधिक विस्तार है, जब देश में केवल 26 ऐसी आर्द्रभूमियाँ थीं।
  • पटना पक्षी अभयारण्य: यह अभयारण्य उत्तर प्रदेश के एटा ज़िले के जलेसर उपखंड में स्थित है और राज्य का सबसे छोटा पक्षी अभयारण्य है, जिसका क्षेत्रफल मात्र एक वर्ग किलोमीटर से थोड़ा अधिक है।
    • पक्षी विविधता: छोटे आकार के बावजूद यहाँ शीतकालीन मौसम में 60,000 से अधिक पक्षी आते हैं। इसमें रोज़ी पेलिकन, यूरेशियन स्पूनबिल और नॉर्दर्न पिनटेल जैसी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
    • पारिस्थितिक भूमिका: यह आर्द्रभूमि प्रवासी पक्षियों के लिए विश्राम और भोजन खोजने का महत्वपूर्ण स्थल है। साथ ही यह स्थानिक वन्यजीवों का आवास भी है, जिसमें संकटग्रस्त पक्षी प्रजातियाँ और नीलगाय (Nilgai) जैसे स्तनधारी शामिल हैं।
  • कच्छ का छारी-ढांड: यह लवण-प्रभावित मौसमी आर्द्रभूमि है, जो बेहतर मानसून में लगभग 80 वर्ग किलोमीटर तक फैल जाती है। यह गुजरात का एकमात्र संरक्षण आरक्षित क्षेत्र (Conservation Reserve) है।