भारत को राष्ट्रीय आपदा पूल की जरूरत: एसबीआई रिपोर्ट


नवंबर 2021 में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की रिपोर्ट में दुनिया के सबसे अधिक आपदा-प्रवण देशों (disaster-prone countries) में से एक भारत के लिए एक ‘राष्ट्रीय आपदा पूल’ बनाने का आह्वान किया गया है।

  • भारत 1900 से प्राकृतिक आपदाओं की संख्या में अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है, जिसे 756 प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूस्खलन, तूफान, भूकंप, बाढ़, सूखा आदि का सामना करना पड़ा है।
  • 1900-2000 के दौरान 402 आपदाएँ और 2001-21 के दौरान 354 आपदाएँ आई।
  • 1991 और 2021 के बीच, देश में कुल नुकसान का लगभग 8% ही कवर किया गया है।
  • 1900 के बाद से, भारत को 144 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है। बाढ़ से सर्वाधिक 86.8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ जबकि उसके बाद तूफान से 44.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।

चक्रवात 'गुलाब' और ‘शाहीन’


पूर्वी तट और मध्य भारत में तीव्र वर्षा लाने के बाद, महाराष्ट्र और गुजरात में चक्रवात 'गुलाब' (Cyclone Gulab) के प्रभाव में भारी बारिश और बाढ़ देखी गई।

  • भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार शब्द 'गुलाब' (गुल-आब के रूप में उच्चारण) का अंग्रेजी अर्थ है रोज (Rose) यानी गुलाब। 'गुलाब' नाम पाकिस्तान द्वारा दिया गया है।
  • चक्रवात गुलाब अरब सागर में एक और चक्रवाती तूफान 'शाहीन' (Shaheen) के रूप में तेज हुआ है। शाहीन चक्रवात का प्रभाव ओमान तथा ईरान पर अधिक पड़ा है। शाहीन नाम ‘कतर’ द्वारा दिया गया है।

माउंट न्यारागोंग


22 मई, 2021 कांगो के ‘माउंट न्यारागोंगो’ (Mount Nyiragongo) ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ है, जिससे 30 से अधिक लोगों की मौत के साथ ही दहशत में हजारों लोगों अपने घरों से पलायन कर गए।

  • माउंट न्यारागोंगो, अल्बर्टिन रिफ्ट (Albertine Rift) से जुड़े हुए विरुंगा पर्वत में 3,470 मीटर की ऊंचाई का एक सक्रिय ज्वालामुखी है।
  • यह ज्वालामुखी, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान के भीतर है। इस ज्वालामुखी का मुख्य क्रेटर लगभग दो किलोमीटर चौड़ा है और इसमें लावा झील शामिल है।
  • न्यारागोंगो और इसके निकटवर्ती ‘न्यामुरागिरा’ (Nyamuragira), संयुक्त रूप से अफ्रीका में होने वाले 40% ऐतिहासिक ज्वालामुखी विस्फोटों के लिए जिम्मेदार हैं।
  • वर्ष 2002 में न्यारागोंगो के अंतिम विस्फोट में 250 लोग मारे गए और 120,000 बेघर हो गए थे।

चक्रवाती तूफान ‘बुरेवी’


भारतीय मौसम विभाग ने 30 नवंबर से 5 दिसम्बर, 2020 के दौरान बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती तूफान ‘बुरेवी’ पर रिपोर्ट जारी की।

  • चक्रवाती तूफान 'बुरेवी' की शुरुआत दक्षिण अंडमान सागर, बंगाल की दक्षिण-पूर्वी खाड़ी के निकटवर्ती क्षेत्रों और हिंद महासागर के भूमध्यवर्ती क्षेत्रों में 28 नवंबर को कम दबाव के क्षेत्र के रूप में हुई।
  • इसके कारण तमिलनाडु के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा (20 सेमी) जबकि अलग-थलग स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा इसने केरल और श्रीलंका को भी प्रभावित किया।
  • इसे 'बुरेवी' नाम मालदीव द्वारा दिया गया है, जिसका अर्थ है काले मैंग्रोव।

अत्यधिक गंभीर चक्रवाती तूफान ‘निवार’


25-26 नवंबर, 2020 को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान ‘निवार’ ने तटीय राज्यों तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पुडुचेरी को प्रभावित किया।

  • चक्रवात 'निवार' इस वर्ष उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में आकार लेने वाला चौथा चक्रवात था। पहले तीन चक्रवात थे चक्रवात 'गति' (22 नवंबर को सोमालिया में), चक्रवात 'अम्फान' (मई में पूर्वी भारत में) और चक्रवात 'निसर्ग' (महाराष्ट्र में)।
  • 2018 में चक्रवात गाजा के बाद दो साल में तमिलनाडु को प्रभावित करने वाला 'निवार' दूसरा चक्रवात था।

नामकरण: विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्लूएमओ) के दिशा-निर्देशों के आधार पर चक्रवात को 'निवार' नाम दिया गया है।

  • उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर बने उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को कवर करता है। इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 13 देश बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका, थाईलैंड ईरान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और यमन चक्रवातों के नाम सुझाते हैं। प्रत्येक देश चक्रवातों के लिए सूची में 13 नाम प्रदान करता है।
  • चक्रवात 'निवार' को ईरान द्वारा दिए गए नामों की सूची में से चुना गया है। ‘निसर्ग’ का नामकरण बांग्लादेश द्वारा किया गया, जबकि चक्रवात ‘गति' (Gati) नाम भारत ने दिया था।