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फास्ट ट्रैक विशेष अदालत योजना का विस्तार
- 30 Nov 2023
29 नवंबर, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 1 अप्रैल, 2023 से 31 मार्च, 2026 तक की अवधि के लिए 'फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों' (FTSC) की केन्द्र प्रायोजित योजना (CSS) को जारी रखने को मंजूरी दे दी।
- इसमें 1952.23 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय शामिल होगा, जिसमें केन्द्र का हिस्सा 1207.24 करोड़ रुपये है। केन्द्र के हिस्से का वित्त पोषण निर्भया फंड से किया जाना है।
- फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों के लिए केंद्र प्रायोजित योजना 2 अक्टूबर, 2019 को शुरू की गई थी।
- ये न्यायालय देश के दूरदराज क्षेत्रों सहित पूरे देश में यौन अपराधों की असहाय पीड़ितों को समयबद्ध न्याय प्रदान करने के लिए राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों के प्रयासों का समर्थन करते हैं।
- फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों की अंतिम फैसले देने की दर नियमित अदालतों की तुलना में बेहतर होती है और ये न्यायालय अदालती प्रक्रिया तेज गति से पूरा करते हैं।
- असहाय पीड़ितों को त्वरित न्याय प्रदान करने के अलावा, फास्ट ट्रैक अदालतों की यह व्यवस्था यौन अपराधियों के खिलाफ निवारक ढांचे (Deterrence Framework) को मजबूत करती है।


