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इनसाइडर ट्रेडिंग मामला
- 03 May 2025
2 मई, 2025 को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा अदाणी समूह के निदेशक प्रणव अदाणी पर इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया।
मुख्य तथ्य:
- इनसाइडर ट्रेडिंग क्या है?: गोपनीय और महत्त्वपूर्ण जानकारी के आधार पर शेयरों की खरीद-फरोख्त। आमतौर पर कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी या जुड़े लोग इस जानकारी तक पहुंचते हैं।
- यह गैरकानूनी क्यों है? : यह बाजार में असमानता और आम निवेशकों को नुकसान पहुंचाता है। निवेशक विश्वास को कमजोर करता है, जिससे शेयर बाजार अविश्वसनीय लगता है। भारत मेंSEBI इस पर कड़ी सजा लगाती हैं।
- इनसाइडर ट्रेडिंग का प्रभाव: बाजार में हेरफेर कर कृत्रिम रूप से कीमतें बदलना। निवेशकों का भरोसा कम होना, जिससे वे निवेश करने से बचते हैं। आर्थिक अस्थिरता, जिससे वित्तीय संकट की संभावना बढ़ती है।
- निषेध और दंड: UPSI के आधार पर ट्रेडिंग करना गैरकानूनी है। दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है।
- नवीनतम संशोधन (2025) : कंपनियों को UPSI से संबंधित जानकारी दो दिनों के भीतर डिजिटल डेटाबेस में दर्ज करनी होगी। ट्रेडिंग विंडो नियमों को अधिक पारदर्शी बनाया गया है।


