ISRO का PSLV-C62 मिशन विफल
- 13 Jan 2026
12 जनवरी, 2026 को ISRO के PSLV-C62 मिशन में तीसरे चरण (PS3) के अंत में गंभीर खराबी आ गई, जिससे रॉकेट इच्छित कक्षा में नहीं पहुँचा।
मुख्य तथ्य
- लॉन्च विवरण: श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण; पहले दो चरण सफल रहे, लेकिन तीसरे चरण के अंतिम मिनटों में रोल रेट में गड़बड़ी और उड़ान पथ विचलन हुआ।
- हानि: DRDO का प्रमुख पृथ्वी अवलोकन उपग्रह अन्वेषा (EOS-N1) सहित 16 उपग्रह (भारत, ब्राजील×5, नेपाल, यूके) नष्ट; सभी पेलोड नष्ट हो गए।
- दूसरी लगातार विफलता: मई 2025 के PSLV-C61 (EOS-09) की तरह तीसरे चरण में ही समस्या; संभवतः दहन कक्ष में दबाव में अप्रत्याशित कमी।
- PSLV रिकॉर्ड प्रभावित: 66 सफल उड़ानों में केवल 5 विफलताएँ; लगातार दो असफलताएँ ISRO के सबसे विश्वसनीय रॉकेट की विश्वसनीयता पर सवाल।
- जाँच: ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने डेटा विश्लेषण शुरू होने की घोषणा की; फेल्योर एनालिसिस कमिटी गठित।
- रणनीतिक प्रभाव: अन्वेषा उपग्रह सीमा निगरानी और रक्षा इमेजिंग के लिए महत्वपूर्ण था। NSIL का 9वाँ वाणिज्यिक मिशन विफल होने से अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
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