भारत में खुदरा महंगाई दर 3 महीने के उच्चतम स्तर पर
- 13 Jan 2026
दिसंबर 2025 में भारत की खुदरा महंगाई दर 1.33% रही, जो पिछले तीन महीनों का उच्चतम स्तर है, हालांकि यह अब भी भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा निर्धारित 2% की निचली सहज सीमा से काफ़ी नीचे बनी हुई है।
मुख्य तथ्य
- व्यापक मूल्य कमी: सभी क्षेत्रों में व्यापक मूल्य कमी के कारण निम्न महंगाई; खाद्य एवं पेय पदार्थों में -1.85% की कमी (नवंबर में -2.8%)।
- मुख्य (कोर) महंगाई: खाद्य, ईंधन को छोड़कर कोर महंगाई 28 महीने के उच्चतम 4.8% पर पहुँच (नवंबर में 4.4%) गयी ।
- क्षेत्रवार विश्लेषण: आवास में 2.86% (पहले 2.95%), ईंधन-प्रकाश में 1.97% (पहले 2.3%), वस्त्र-फुटवियर में 1.44% (पहले 1.49%)।
- उच्च महंगाई वाले क्षेत्र: मांस, तेल और फल में 5% से अधिक महंगाई बनी हुई, जो आने वाले महीनों में दबाव डाल सकती है।
- RBI का लक्ष्य: 4% लक्ष्य (2-6% बैंड); वर्तमान स्तर मौद्रिक नीति के लिए अनुकूल।
- महंगाई का विश्लेषण: CPI आधारित खुदरा महंगाई में खाद्य मूल्यों की कमी ने प्रमुख भूमिका निभाई, लेकिन कोर महंगाई में वृद्धि से RBI सतर्क है। यह निम्न बेस प्रभाव और कृषि उत्पादन वृद्धि का परिणाम है।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे



