भारत-जर्मनी: 19 समझौते और नया इंडो-पैसिफिक संवाद तंत्र
- 13 Jan 2026
12 जनवरी, 2026 को गांधीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई।
- द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुए इस दौरे के दौरान रक्षा, प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्रों में 19 समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान हुआ और 8 प्रमुख घोषणाएँ की गईं।
प्रमुख तथ्य
- वीजा-मुक्त ट्रांजिट: भारतीय पासपोर्ट धारकों को जर्मनी के हवाईअड्डों से ट्रांजिट के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं होगी।
- इंडो-पैसिफिक संवाद: ट्रैक 1.5 विदेश नीति एवं सुरक्षा संवाद तंत्र की स्थापना पर सहमति बनी।
- रक्षा औद्योगिक सहयोग: रक्षा उद्योग सहयोग रोडमैप और अर्धचालक (semiconductor) पारिस्थितिक तंत्र पर संयुक्त घोषणा की गई।
- डिजिटल संवाद कार्ययोजना: 2025-2027 के लिए भारत-जर्मनी डिजिटल संवाद की कार्ययोजना को अपनाया गया।
- नवीकरणीय ऊर्जा व बैटरी स्टोरेज: 1.24 बिलियन यूरो से हरित हाइड्रोजन व PM ई-बस सेवा जैसी परियोजनाओं को धन; बैटरी ऊर्जा भंडारण कार्य समूह का शुभारंभ।
- रणनीतिक सहयोग: उच्च शिक्षा में इंडो-जर्मन उत्कृष्टता केंद्र, जर्मन भाषा को बढ़ावा; रक्षा क्षेत्र में पनडुब्बी, हेलीकॉप्टर अवरोध परिहार प्रणाली और काउंटर-UAS सहयोग।
- क्रिटिकल मिनरल्स: महत्वपूर्ण खनिजों पर संयुक्त घोषणा की गई।
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