MSME क्षेत्र की दक्षता हेतु योजनागत अभिसरण: रिपोर्ट
- 16 Jan 2026
15 जनवरी, 2026 को नीति आयोग ने ‘योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र में दक्षता प्राप्त करना' (Achieving Efficiencies in MSME Sector through Convergence of Schemes) नामक शीर्षक वाली रिपोर्ट जारी की।
- यह रिपोर्ट भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए सरकारी समर्थन की प्रभावशीलता को मजबूत करने हेतु एक रणनीतिक रोडमैप प्रस्तुत करती है।
प्रमुख निष्कर्ष और सिफारिशें
- योजनाओं का अभिसरण (Convergence): रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि वर्तमान में MSME क्षेत्र के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की कई योजनाएं अलग-अलग काम कर रही हैं।
- इनके 'अभिसरण' से संसाधनों की बर्बादी रुकेगी और उद्यमियों को एकल खिड़की पर सभी लाभ मिल सकेंगे।
- नीति आयोग के अनुसार, इससे परिचालन लागत में 15-20% की कमी आ सकती है।
- एमएसएमई के लिए केंद्रीकृत पोर्टल: रिपोर्ट में एक एआई-संचालित केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का प्रस्ताव किया गया है, जो एमएसएमई से जुड़ी योजनाओं, अनुपालन, वित्त और मार्केट इंटेलिजेंस को एकीकृत करेगा।
- क्लस्टर विकास योजनाओं का अभिसरण: रिपोर्ट में पारंपरिक उद्योगों के पुनर्जीवन हेतु निधि योजना (SFURTI) को सूक्ष्म एवं लघु उद्यम–क्लस्टर विकास कार्यक्रम (MSE-CDP) के साथ एकीकृत करने का प्रस्ताव किया गया है।
- डिजिटल एकीकरण: रिपोर्ट में 'उद्यम' पोर्टल को अन्य सरकारी डेटाबेस के साथ पूरी तरह एकीकृत करने का सुझाव दिया गया है ताकि ऋण (Credit) और सब्सिडी का वितरण पारदर्शी और त्वरित हो सके।
- वित्तीय सुगमता: MSME के लिए कार्यशील पूंजी (Working Capital) की समस्या को हल करने के लिए 'कैश-फ्लो आधारित ऋण' (Cash-flow based lending) को बढ़ावा देने की सिफारिश की गई है।
- वैश्विक मूल्य शृंखला (GVC): योजनाओं के तालमेल के माध्यम से भारतीय MSMEs को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनाने के लिए गुणवत्ता मानक और निर्यात प्रोत्साहन पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
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