गज़ा शांति बोर्ड: भारत को शामिल होने का निमंत्रण
- 19 Jan 2026
18 जनवरी, 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को 'गज़ा शांति बोर्ड' (Board of Peace for Gaza) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
मुख्य तथ्य
- 'गज़ा शांति बोर्ड' के कार्य: यह बोर्ड गज़ा के पुनर्निर्माण के लिए फंडिंग की निगरानी करेगा और तब तक गज़ा के प्रशासन की देखरेख करेगा जब तक कि फिलीस्तीनी प्राधिकरण अपना 'सुधार कार्यक्रम' पूरा नहीं कर लेता।
- बोर्ड की संरचना: इस बोर्ड की अध्यक्षता डोनाल्ड ट्रंप करेंगे और इसमें विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा, टोनी ब्लेयर (यूके के पूर्व पीएम), मार्को रुबियो और जारेड कुशनर आदि सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
- गज़ा का प्रशासन: गज़ा का संचालन एक 'तकनीकी और अराजनीतिक फिलीस्तीनी समिति' (NCAG) द्वारा किया जाएगा, जिसका नेतृत्व अली शाथ करेंगे। यह समिति बोर्ड के मार्गदर्शन में कार्य करेगी।
- ISF की भूमिका: गज़ा में सुरक्षा और विसैन्यीकरण के लिए 'इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स' (ISF) तैनात की जाएगी। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि वह इसका हिस्सा नहीं बनेगा।
- वित्तीय भागीदारी: रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड में स्थायी सदस्यता के लिए 1 बिलियन डॉलर का योगदान आवश्यक है, जो गज़ा के पुनर्निर्माण में खर्च किया जाएगा।
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