राष्ट्रपति भवन में ग्रंथ कुटीर का उद्घाटन

  • 24 Jan 2026

23 जनवरी, 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में ग्रंथ कुटीर का उद्घाटन किया।

मुख्य बिंदु

  • ग्रंथ कुटीर में भारत की 11 शास्त्रीय भाषाओं (तमिल, संस्कृत, कन्नड़, तेलुगु, मलयालम, ओडिया, मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बांग्ला) में पांडुलिपियों एवं पुस्तकों का समृद्ध संग्रह उपलब्ध है।
  • ग्रंथ कुटीर भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक, दार्शनिक, साहित्यिक एवं बौद्धिक विरासत को प्रदर्शित करता है।
  • इस संग्रह में महाकाव्य, दर्शन, भाषाविज्ञान, इतिहास, शासन-व्यवस्था, विज्ञान, भक्ति साहित्य तथा भारत का संविधान जैसे विविध विषय सम्मिलित हैं।
  • संग्रह में लगभग 50 पांडुलिपियां भी शामिल हैं, जिनमें से कई पारंपरिक सामग्रियों (जैसे- ताड़पत्र, कागज, छाल और वस्त्र) पर हस्तलिखित हैं।
  • यह पहल शिक्षा मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय तथा उनसे संबद्ध संस्थानों द्वारा समर्थित है।
  • ग्रंथ कुटीर के विकास का उद्देश्य नागरिकों में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर के प्रति जागरूकता को बढ़ाना है।
  • भारत सरकार ने 3 अक्टूबर, 2024 को मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बांग्ला भाषाओं को शास्त्रीय भाषा’ का दर्जा प्रदान किया था।
  • इससे पूर्व 6 भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त था।