DPIIT द्वारा डिज़ाइन ऐक्ट में संशोधन का प्रस्ताव
- 30 Jan 2026
29 जनवरी, 2026 को उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने डिज़ाइन अधिनियम, 2000 में व्यापक संशोधनों का प्रस्ताव रखते हुए एक कॉन्सेप्ट नोट जारी किया।
- इसका उद्देश्य भारत की डिज़ाइन संरक्षण व्यवस्था का आधुनिकीकरण करना और उसे वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप बनाना है।
मुख्य बिंदु
- नीतिगत उद्देश्य: प्रस्तावित सुधारों का लक्ष्य “डिज़ाइन इन इंडिया, डिज़ाइन फॉर द वर्ल्ड” की परिकल्पना को आगे बढ़ाना है, ताकि डिजिटल नवाचार और बदलते उपभोक्ता अनुभवों के दौर में भारत का डिज़ाइन कानून प्रासंगिक बना रहे।
- वैश्विक समन्वय: कॉन्सेप्ट नोट में ‘रियाद डिज़ाइन लॉ ट्रीटी’ तथा ‘औद्योगिक डिज़ाइनों के अंतरराष्ट्रीय पंजीकरण से संबंधित हेग समझौते’ में भारत के शामिल होने का प्रस्ताव किया गया है, ताकि घरेलू कानून को अंतरराष्ट्रीय प्रणालियों के साथ समरूप किया जा सके।
- वर्चुअल डिज़ाइनों का संरक्षण: अधिनियम में ‘आर्टिकल’ और ‘डिज़ाइन’ की परिभाषाओं में संशोधन कर वर्चुअल और डिजिटल डिज़ाइनों को भी संरक्षण देने का प्रस्ताव किया गया है।
- ग्रेस पीरियड का प्रावधान: सार्वजनिक प्रकटीकरण के बाद भी नवीनता खोए बिना संरक्षण प्राप्त करने के लिए 12 माह की पूर्ण ग्रेस अवधि प्रस्तावित की गई है।
- विलंबित प्रकाशन का विकल्प: पंजीकृत डिज़ाइनों के प्रकाशन को 30 माह तक स्थगित करने की अनुमति देने का सुझाव, जिससे गोपनीयता और व्यावसायिक रणनीति को बल मिल सके।
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