वैश्विक इलेक्ट्रो-टेक विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत : WEF

  • 27 Mar 2026

26 मार्च, 2026 को विश्व आर्थिक मंच (WEF) की एक रिपोर्ट ने रेखांकित किया कि भारत स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करते हुए ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत औद्योगिक विकास हासिल कर, वैश्विक इलेक्ट्रो-टेक विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्य बिंदु

  • नया विकास मॉडल:
    • भारत कम लागत वाले सौर ऊर्जा और बैटरियों के सहारे औद्योगिकीकरण कर रहा है।
    • पश्चिम और चीन की जीवाश्म ईंधन-प्रधान वृद्धि पथ को पीछे छोड़ते हुए नई राह बना रहा है।
  • ऊर्जा संक्रमण की प्रगति
    • 2025 में लगभग 9% बिजली सौर ऊर्जा से।
    • चीन की तुलना में प्रति व्यक्ति कोयला उपयोग काफी कम।
    • कोयला उत्पादन अपने शिखर के करीब।
  • तेल खपत का रुझान
    • सड़क परिवहन हेतु तेल की माँग ~96 लीटर प्रति व्यक्ति (चीन का लगभग आधा)।
    • विद्युतीकरण की ओर बढ़ते कदमों से माँग स्थिर होने की संभावना।
  • इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का विस्तार
    • इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी कार बिक्री में लगभग 5%।
    • इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों में भारत का वैश्विक नेतृत्व (~60% बाज़ार हिस्सेदारी)।
  • बढ़ती विद्युतीकरण दर
    • अंतिम ऊर्जा खपत में बिजली का हिस्सा ~20%
    • समान आय स्तर पर चीन के बराबर।
  • लागत लाभ
    • सौर + भंडारण अब नई कोयला ऊर्जा से ~50% सस्ता
    • ऊर्जा अर्थशास्त्र में संरचनात्मक बदलाव का संकेत।
  • विनिर्माण उछाल
    • इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग लगभग 6 गुना बढ़कर 130 अरब डॉलर
    • इलेक्ट्रो-टेक पारिस्थितिक तंत्र की नींव रखी।
  • सौर और बैटरी क्षमता
    • सौर मॉड्यूल उत्पादन 12 गुना बढ़कर 120 GW
    • सौर सेल विनिर्माण 18 GW तक पहुँचा।
    • बैटरी और EV निर्माण में तीव्र वृद्धि।
  • रणनीतिक स्थिति
    • भारत वैश्विक इलेक्ट्रो-टेक उत्पादों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बन रहा है।
    • अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाएँ इस मॉडल का ध्यानपूर्वक अनुसरण रही हैं।