पेट्रोकेमिकल्स पर बड़ी राहत: केंद्र ने दी सीमा शुल्क में छूट
- 03 Apr 2026
2 अप्रैल, 2026 को भारत सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न बाधाओं के बीच आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर 30 जून, 2026 तक पूर्ण सीमा शुल्क (Customs Duty) छूट की घोषणा की।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य:
- प्रमुख पेट्रोकेमिकल इनपुट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- उद्योगों पर लागत के दबाव को कम करना।
- आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) की स्थिरता बनाए रखना।
- इस कदम का कारण:
- पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव।
- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और समुद्री व्यापार में व्यवधान।
- लाभान्वित होने वाले क्षेत्र:
- प्लास्टिक और पैकेजिंग।
- कपड़ा (Textiles) और रसायन।
- फार्मास्युटिकल्स (दवा उद्योग)।
- ऑटोमोटिव घटक और विनिर्माण।
- शामिल प्रमुख उत्पाद:
- एनहाइड्रस अमोनिया, मेथनॉल, टोल्यूईन, स्टाइरीन।
- मोनोइथिलीन ग्लाइकॉल (MEG), फिनोल, एसिटिक एसिड।
- विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉलिमर, रेजिन, फॉर्मेल्डिहाइड।
- उपभोक्ता पर प्रभाव:
- इनपुट लागत कम होने की संभावना।
- तैयार माल की कीमतों में अप्रत्यक्ष राहत मिल सकती है।
- संबंधित सरकारी उपाय:
- 23 मार्च, 2026 से ‘निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट’ (RoDTEP) योजना के लाभों की बहाली।
- उच्च माल ढुलाई लागत और युद्ध संबंधी जोखिमों का सामना कर रहे निर्यातकों को सहायता।
- ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति:
- कच्चे तेल, एलपीजी, एलएनजी और पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त घरेलू स्टॉक मौजूद।
- विविध सोर्सिंग रणनीति (सप्लाई के अलग-अलग स्रोत) लागू।
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