राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) 2023-24

  • 01 Jun 2026

29 मई, 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) 2023-24 जारी किया। यह रिपोर्ट मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, महिला सशक्तीकरण और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में प्रगति को रेखांकित करती है, साथ ही बाल पोषण में बनी हुई चुनौतियों की पहचान भी करती है।

मुख्य बिंदु

  • NFHS-6 के बारे में: वर्ष 2023-24 के दौरान आयोजित इस सर्वेक्षण में भारत के 715 जिलों के 6.79 लाख परिवारों को शामिल किया गया था।
  • संस्थागत प्रसव (Institutional Deliveries): अस्पतालों/संस्थानों में होने वाले जन्म (प्रसव) की दर NFHS-5 के 88.6% से बढ़कर NFHS-6 में 90.6% हो गई है।
  • मातृ स्वास्थ्य देखभाल: प्रसव पूर्व देखभाल (Antenatal care) का दायरा 95.9% तक पहुंच गया, जबकि पहली तिमाही में प्रसव पूर्व पंजीकरण 70% से सुधरकर 76.2% हो गया।
  • प्रजनन दर (Fertility Rate): भारत की कुल प्रजनन दर (TFR) 2.0 पर बनी हुई है, जो प्रतिस्थापन-स्तर (2.1) की प्रजनन दर के करीब है।
  • बाल टीकाकरण: 12-23 महीने की उम्र के 96% से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया गया।
  • महिलाओं का डिजिटल समावेशन: इंटरनेट का उपयोग करने वाली महिलाओं का अनुपात लगभग दोगुना होकर 33.3% से 64.3% हो गया है।
  • पोषण में सुधार: बच्चों में ठिगनापन (Stunting) 35.5% से घटकर 32.3%, कमजोरी/दुर्बलता (Wasting) 19.3% से घटकर 16.3%, गंभीर दुर्बलता (Severe Wasting) 7.7% से घटकर 5.7% और अल्प वजन (Underweight) का प्रसार 32.1% से घटकर 29.2% हो गया है।
  • बाल आहार संबंधी चिंताएं: 6-23 महीने की उम्र के केवल 15.3% बच्चों को ही पर्याप्त आहार मिल पाया, हालांकि यह NFHS-5 के 11% से बेहतर है।
  • स्तनपान में गिरावट: 6 महीने से कम उम्र के शिशुओं में केवल स्तनपान (Exclusive breastfeeding) की दर 63.7% से घटकर 55.8% रह गई है, जिसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।