स्वदेशी वीडियो स्टोरी जनरेटिंग एआई मॉडल ‘वार्या’ का शुभारंभ

  • 13 Jun 2026

12 जून, 2026 को एआई-नेटिव ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी ‘अवतार’ ने भारत के अगली पीढ़ी के उपयोगकर्ताओं के लिए फ्रंटियर वीडियो एआई को किफायती, सुलभ और प्रासंगिक बनाने के लिए एक डिस्टिल्ड वीडियो मॉडल ‘वार्या’ (Varya) के शुभारंभ की घोषणा की।

मुख्य बिंदु

  • ‘वार्या’ को भारत की विविध भाषाई, सांस्कृतिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
  • यह मॉडल भारत के विभिन्न क्षेत्रों, त्योहारों, समुदायों, भोजन, परिधानों, सार्वजनिक स्थलों एवं दैनिक जीवन से जुड़े सांस्कृतिक संदर्भों को समझने और उनके अनुरूप दृश्य सामग्री तैयार करने में सक्षम है।
  • इसका उपयोग गांवों के विद्यालयों में शिक्षक द्वारा दृश्य-आधारित पाठ तैयार करने, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) द्वारा उत्पाद विज्ञापन बनाने तथा नागरिकों तक वीडियो के माध्यम से सार्वजनिक सूचना पहुंचाने जैसे कार्यों में किया जा सकता है।
  • ‘अवतार’ उन कंपनियों में शामिल थी, जिन्हें इंडिया एआई मिशन द्वारा स्वदेशी आधारभूत AI क्षमताओं के विकास हेतु चुना गया था।
  • इंडिया एआई मिशन के सहयोग से विकसित ‘वार्या’ में डिस्टिलेशन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसके माध्यम से वीडियो निर्माण प्रक्रिया को 50 चरणों से घटाकर केवल 4 चरणों में किया गया है, जबकि आउटपुट की गुणवत्ता लगभग समान बनी रहती है।

डिस्टिल्ड वीडियो जेनरेशन क्या है?

  • डिस्टिल्ड वीडियो जेनरेशन मशीन लर्निंग की एक मॉडल कम्प्रेशन तकनीक (Model Compression Technique) है।
  • इसमें एक छोटा और तेज़ ‘स्टूडेंट’ मॉडल, एक बड़े और धीमे ‘टीचर’मॉडल के आउटपुट की नकल करता है। इससे बड़े मॉडल की क्षमताएं छोटे मॉडल में ट्रांसफर हो जाती हैं और गैर-जरूरी गणना की आवश्यकता खत्म हो जाती है
  • सामान्य वीडियो मॉडल एक साफ वीडियो तैयार करने से पहले50 से अधिक पुनरावृत्त चरणों से गुजरते हैं,जबकि डिस्टिलेशन तकनीक अधिकांश चरणों को छोड़कर कुछ ही चरणों में समान गुणवत्ता का परिणाम प्रदान करती है।