ड्राफ्ट दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो एवं संबद्ध सेवाएं) नियम
- 13 Jun 2026
12 जून, 2026 को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने ‘दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो एवं संबद्ध सेवाएं) नियम, 2026’ [Telecommunications (Television, Radio and Associated Services) Rules, 2026] का मसौदा जारी किया। इसका लक्ष्य दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत प्रसारण सेवाओं के लिए एक एकीकृत नियामक ढांचा स्थापित करना है।
मुख्य बिंदु
- मसौदा नियमों का उद्देश्य टेलीविजन, रेडियो और संबद्ध सेवाओं से संबंधित विभिन्न दिशानिर्देशों को एकीकृत करना है, जिनका संचालन पहले भारतीय तार अधिनियम, 1885 के अंतर्गत किया जाता था।
- संसद द्वारा पारित दूरसंचार अधिनियम, 2023 ने औपनिवेशिक काल के भारतीय तार अधिनियम, 1885 का स्थान लिया है तथा यह दूरसंचार सेवाओं के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा प्रदान करता है।
- प्रस्तावित नियमों में विभिन्न मौजूदा नीतिगत ढांचों को एकीकृत किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- सैटेलाइट टेलीविजन अपलिंकिंग एवं डाउनलिंकिंग
- डायरेक्ट-टू-होम (DTH) प्रसारण सेवाएं
- हेडएंड-इन-द-स्काई (HITS) सेवाएं
- निजी FM रेडियो प्रसारण
- सामुदायिक रेडियो स्टेशन
- इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (IPTV) सेवाएं
- मसौदा नियम विभिन्न दिशानिर्देशों के स्थान पर एकीकृत नियामक ढांचा स्थापित करने तथा औपचारिक अनुमति प्रक्रिया के डिजिटल क्रियान्वयन का प्रावधान करते हैं।
- इनमें अनुमोदन प्रक्रियाओं का सरलीकरण, अनुमति प्रदान करने संबंधी समझौते (GOPA) पर हस्ताक्षर की अनिवार्यता समाप्त करना तथा पारदर्शी निर्णय-निर्धारण व्यवस्था लागू करना शामिल है।
- इन नियमों से प्रसारण उद्योग को एकल एवं सरल नियमावली उपलब्ध होगी तथा मौजूदा नियामक ढांचे में सामंजस्य स्थापित होगा।
- साथ ही कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिलेगा और प्रसारण क्षेत्र में सुधारों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा।
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