बोरजुली आर्द्रभूमि को जैव-विविधता विरासत स्थल का दर्जा
- 04 Jul 2026
हाल ही में असम की बोरजुली आर्द्रभूमि को उसके बहुमूल्य जंगली धान (Wild Rice) के आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण हेतु जैव-विविधता विरासत स्थल (BHS) के रूप में अधिसूचित किया गया।
मुख्य बिंदु
- BHS मान्यता: बोरजुली आर्द्रभूमि को जंगली चावल की प्रजाति ओराइजा रूफिपोगोन (Oryza rufipogon) के संरक्षण के लिए जैव-विविधता विरासत स्थल घोषित किया गया है।
- जंगली चावल का महत्त्व: ओराइजा रूफिपोगोन खेती किए जाने वाले चावल का पूर्वज माना जाता है। इसमें कीटों, रोगों, बाढ़ और लवणता के प्रति प्रतिरोधक क्षमता पाई जाती है।
- संरक्षण परियोजना: यह पहल असम के सोनितपुर जिले में वर्ष 2022 में शुरू की गईइन-सीटू संरक्षण परियोजना का हिस्सा है।
- क्रियान्वयन एजेंसियां: इस परियोजना को राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण (NRAA) द्वारा वित्तपोषित किया गया है और इसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (ICAR-NBPGR) द्वारा असम राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सहयोग से लागू किया जा रहा है।
- महत्त्व: यह मान्यता जंगली चावल की विविधता के संरक्षण को मजबूत करेगी और जलवायु-सहिष्णु चावल किस्मों के विकास में सहायता करेगी।
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