आयनमंडल मैपिंग के लिए भारतीय शोधकर्ताओं ने नई विधि विकसित की
- 09 Jul 2026
जुलाई 2026 में भारतीय शोधकर्ताओं ने भूमि एवं अंतरिक्ष आधारित प्रेक्षणों को एकीकृत कर भारतीय क्षेत्र के ऊपरी आयनमंडल (Topside Ionosphere) के पुनर्निर्माण की नई विधि विकसित की, जिससे आयनमंडलीय मानचित्रण की सटीकता में सुधार हुआ है।
मुख्य बिंदु
- उपलब्धि: शोधकर्ताओं ने पहली बार भारत के ऊपर स्थित ऊपरी आयनमंडल का पुनर्निर्माण भूमि-आधारित एवं उपग्रह प्रेक्षणों के एकीकृत उपयोग से किया।
- उद्देश्य: इस पद्धति से भारतीय क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन घनत्व तथा ऊँचाई के साथ उसमें होने वाले परिवर्तनों का अधिक सटीक आकलन संभव होगा।
- महत्त्व: बेहतर आयनमंडलीय मानचित्रण से उपग्रह संचालन, संचार प्रणाली तथा GPS एवं NavIC सहित नौवहन सेवाओं की दक्षता बढ़ेगी।
- वैज्ञानिक महत्त्व: यह तकनीक भारत के ऊपर स्थित ऊपरी आयनमंडल के व्यवहार एवं गतिशीलता को बेहतर ढंग से समझने में वैज्ञानिकों की सहायता करेगी।
- अनुप्रयोग: यह शोध अंतरिक्ष मौसम अध्ययन तथा उपग्रह आधारित प्रौद्योगिकियों के लिए अधिक सटीक क्षेत्र-विशिष्ट आयनमंडलीय मॉडल विकसित करने में सहायक होगा।
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