गहरे समुद्री क्षेत्रों में मत्स्य संसाधनों का सतत उपयोग पहल

  • 10 Jul 2026

9 जुलाई, 2026 को भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने ओडिशा के भुवनेश्वर में भारत सरकार के मत्स्य विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम में ‘गहरे समुद्री क्षेत्रों में मत्स्य संसाधनों का सतत उपयोग’ (Sustainable Harnessing of Fisheries in the High Seas) नामक पहल के लिए प्राधिकरण पत्र (LoA) जारी किया।

मुख्य बिंदु

  • राष्ट्रीय पहल: इस कार्यक्रम का उद्देश्य गहरे समुद्री मत्स्य संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देना और भारत की नीली अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
  • प्राधिकरण ढांचा: दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों में संचालित भारतीय ध्वज वाले मछली पकड़ने के जहाजों के लिए प्राधिकरण पत्र जारी किए गए, ताकि उत्तरदायी गहरे समुद्री मत्स्यन को बढ़ावा दिया जा सके।
  • मिशन दस्तावेज: राज्य के गहरे समुद्री मत्स्यन तंत्र को मजबूत करने के लिए ओडिशा गहरे समुद्री मत्स्यन मिशन दस्तावेज का अनावरण किया गया।
  • प्रौद्योगिकी फोकस: यह पहल मत्स्य क्षेत्र में डिजिटल प्राधिकरण, पोत ट्रैकिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणन मानकों को बढ़ावा देती है।
  • समुद्री खाद्य निर्यात: भारत का समुद्री खाद्य निर्यात ₹73,000 करोड़ से अधिक हो चुका है और वर्तमान में यह 120 से अधिक देशों तक पहुँचता है।